जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में सोमवार और मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण भारी तबाही हुई है. इस प्राकृतिक आपदा में जम्मू-कश्मीर में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग लापता हैं. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें तैनात की जा रही हैं.
अधिकारियों ने बताया कि बांदीपोरा जिले के गुरेज और तुलैल घाटी के जेदगाई तथा अछूरा गांवों में सोमवार शाम को लगातार बादल फटने से आई बाढ़ से पेड़ और पत्थरों के कारण कई मकानों व खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है.
इसके अलावा कारगिल के करिकीचू और बदगाम इलाकों में भी बाढ़ से आवासीय संपत्तियों, वाहनों और फसलों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, इन क्षेत्रों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. किशनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने पर्यटकों और टेंट कॉलोनी मालिकों को नदी के किनारे वाले इलाका खाली करने के निर्देश दिए हैं.
23 लोगों की मौत और 7 लापता
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है. पुंछ जिले के लोरन के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह जाने से मां और उसके 2 बच्चों समेत 7 लोग जिंदा दफन हो गए.
वहीं, पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही बारिश और फिसलन भरे रास्तों के कारण लापता सात लोगों की तलाश में दिक्कतें आ रही हैं. इसके अलावा चट्टानें गिरने से जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है. इसके अलावा सोमवार को डोडा जिल के डोडा-बटोत नेशनल हाईवे पर रैगी नाला इलाके में लैंडस्लाइड से चट्टान गिरने से मलबे की चपेट में आकर कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं.
अस्थायी रूप से रोकी गई चार धाम यात्रा
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण चार राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 150 सड़कें बंद हो गई हैं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोमवार को चार धाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है. बागेश्वर जिले के कपकोट इलाके में सरयू नदी में बहने से आठ साल के बच्चे की मौत हो गई. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई हैं.
हिमाचल में रेड अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में 21 जुलाई को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है. प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते 36 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 43 जलापूर्ति योजनाएं और 5 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
यूपी में 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट
इसी तरह मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटों के लिए 'अत्यधिक भारी बारिश' की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और वहां हल्की बारिश दर्ज की गई है.
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए भी अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
असम में भी कई जगह लैंडस्लाइड
वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम राज्य में भी मूसलाधार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं. कामरूप महानगरीय जिला प्रशासन के अनुसार, गुवाहाटी के कम से कम 5 जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आगामी 24 घंटों के दौरान गुवाहाटी में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. हालांकि, लैंडस्लाइड में फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है.
मीर फरीद