असम में बाढ़ से अब तक 82 मौतें, केरलम में 8 की गई जान... बारिश में देश के कई राज्यों में हाहाकार

भारत के असम, केरल, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से गंभीर स्थिति बनी हुई है. असम में 82 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि केरलम में 8 की जान गई है. छत्तीसगढ़ के अबुझमाड़ में भारी बारिश ने तबाही मचाई है, जहां कई मकान बह गए.

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बाढ़ से कई राज्यों में लोगों की मौत हो गई. (File Photo- ITGD) बाढ़ से कई राज्यों में लोगों की मौत हो गई. (File Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:37 AM IST

देश के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. रविवार को असम, केरल, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जलभराव हो गया है और बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है. छत्तीसगढ़ के अबुझमाड़ में भारी बारिश ने तबाही मचाई है, जिसमें नारायणपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. यहां 50 से ज्यादा मकान बर्बाद हो गए और दो बच्चियों की जान चली गई.

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नारायणपुर में स्थानीय निवासी सोनारू राम ने आपबीती सुनाते हुए बताया, 'अचानक इतना पानी आया कि हमें संभलने का मौका ही नहीं मिला. लगभग 16 मकान बह गए. हमने अपना सारा सामान खो दिया है. इस इलाके में पहले कभी ऐसे हालात नहीं बने थे.'

छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 28, 29 और 30 जुलाई को क्षेत्र में औसतन बारिश से कई गुना ज्यादा पानी बरसा, जिससे बादल फटने जैसी स्थिति बन गई. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है और प्रभावितों तक तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.

असम में अब तक 82 लोगों की मौत

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है. शिवसागर और चराईदेव में एक-एक नई मौत दर्ज की गई है. राज्य के पांच जिलों-शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नौगांव और चराईदेव के 379 गांवों के 1.92 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं.

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असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने शिवसागर जिले के डेमो और नजीरा विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया. इस बीच संकट के समय शिवसागर के नेपाली खूंटी इलाके में ग्रामीणों ने मिसाल पेश की. 19 जुलाई को जब पानी घरों में घुस गया, तो ग्रामीणों ने 6 देशी नावों के सहारे 5 गांवों के 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला.

बचाव दल के सदस्य चौहान चौधरी ने बताया, 'पानी इतनी तेजी से आया कि लोग छतों और पेड़ों पर चढ़ने को मजबूर हो गए. हमारी देशी नावों ने लाइफलाइन का काम किया और हमने 1000 से ज्यादा लोगों को शहर पहुंचाया.'

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये का योगदान देने के लिए बिजनेसमैन गौतम अडाणी और 21 करोड़ रुपये के लिए रिलायंस फाउंडेशन का आभार जताया है.

केरलम: 8 की मौत, पंबा नदी के उफान से भारी नुकसान

केरलम में बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग लापता हैं और 13 घायल हुए हैं. प्रशासन ने 5,792 लोगों को 209 राहत शिविरों में ट्रांसफर किया है. राज्य में 27 मकान पूरी तरह से तबाह हो गए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक सरकार प्रभावितों को वित्तीय सहायता, मुफ्त इलाज और हर मुमकिन मदद मुहैया करा रही है.

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पथानामथिट्टा के रानी शहर में पंबा नदी का पानी दुकानों में घुसने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.

गुजरात में रेड अलर्ट, केंद्र ने मंजूर की आर्थिक सहायता

मौसम विभाग ने गुजरात के मोरबी, सुरेंद्रनगर, राजकोट और अहमदाबाद समेत छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. बारिश का असर अब सौराष्ट्र की तरफ बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है.

बाढ़ के बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सहायता को मंजूरी दे दी है. केंद्र ने गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के लिए 500-500 करोड़ रुपये, असम के लिए 379.35 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 193.95 करोड़ रुपये और अरुणाचल प्रदेश के लिए 44.55 करोड़ रुपये जारी किए हैं. NDRF की टीमों को संवेदनशील इलाकों में पहले ही तैनात कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें: कुदरत का कहर! कई राज्यों में बारिश से बिगड़े हालात, बाढ़-लैंडस्लाइड का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में पूर्वोत्तर भारत और हिमालय के निचले इलाकों में बारिश बढ़ेगी, जबकि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और केरल के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है.

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