वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई होने जा रही है. हिंदू पक्ष ने शीर्ष अदालत में नई याचिका दाखिल कर सावन के पवित्र महीने के दौरान सीलबंद क्षेत्र में मौजूद कथित शिवलिंग के दर्शन, पूजा और जलाभिषेक की इजाजत देने की मांग की है.
याचिका में हिंदू पक्ष ने कहा कि अगर अदालत अनुमति देती है तो वे कोर्ट की ओर से तय की गई सभी शर्तों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे. उनका कहना है कि धार्मिक आस्था को देखते हुए सावन में पूजा-अर्चना की अनुमति दी जानी चाहिए.
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ज्ञानवापी परिसर का विवाद मई 2022 में उस समय और गहरा गया था, जब 15 मई 2022 को एडवोकेट कमिश्नर की ओर से कराए गए सर्वे के दौरान वजूखाना क्षेत्र में शिवलिंग जैसी एक संरचना मिलने का दावा किया गया. हिंदू पक्ष इसे प्राचीन शिवलिंग मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष लगातार इसे फव्वारा बताता रहा है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हर गतिविधि पर लगी है रोक
इसके बाद 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने उस स्थान को संरक्षित रखने का आदेश दिया था. अदालत के निर्देश के बाद से यह क्षेत्र सीलबंद है और वहां किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक है.
इस बीच सुप्रीम कोर्ट की पहल पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश भी की गई थी. हालांकि, हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. दोनों पक्षों के वकीलों का कहना है कि मामला कानूनी रूप से बेहद जटिल है और इसका समाधान केवल अदालत के अंतिम फैसले से ही संभव है.
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इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेंडिंग है याचिका
इलाहाबाद हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष की याचिकाकर्ता राखी सिंह की तरफ से वजूखाना क्षेत्र में कथित शिवलिंग को छोड़कर बाकी परिसर का एएसआई सर्वे कराने की मांग वाली याचिका भी लंबित है. इस मामले की सुनवाई फिलहाल 24 अगस्त 2026 तक टाल दी गई है. हाई कोर्ट को बताया गया कि पूरा विवाद इस समय सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है, जहां मामले की अगली प्रमुख सुनवाई 10 अगस्त 2026 को भी निर्धारित है. ऐसे में आज की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं.
संजय शर्मा