साइबर सिटी गुरुग्राम में अब ट्रैफिक नियम तोड़कर बच निकलना नामुमकीन होने वाला है. शहर भर में निगरानी के लिए दिसंबर 2026 तक 4287 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है.
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी(GMDA) के CEO पीसी मीणा ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की है. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम खत्म करने के निर्देश दिए हैं. इस नेटवर्क में पहले से सक्रिय 1200 कैमरों के अलावा फेज-2 के 2722 नए कैमरे और 23 प्रमुख जंक्शनों पर लग रहे 365 कैमरे शामिल हैं. इन्हें सीधा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा जा रहा है.
सीधे घर पहुंचेगा चालान
अब चालान सड़क पर नहीं काटा जाएगा, बल्कि ये सीधे घर पहुंचेगा. शहर के चौराहों और एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (RLVD) और स्पीड रडार की तैनाती की गई है.
तेज रफ्तार गाड़ी दौड़ाने, सिग्नल तोड़ने या गलत लेन में चलने पर अब ट्रैफिक पुलिस आपको नहीं रोकेगी. बल्कि यह सिस्टम खुद ही ऑनलाइन चालान जारी कर देगा. इतना ही नहीं, सुरक्षा के लिहाज से फेस रिकॉग्निशन और पीटीजेड कैमरों से संदिग्धों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी.
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यह तीसरी आंख सिर्फ ट्रैफिक पर ही नजर रखने तक सीमित नहीं है. यह शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी नजर रखेगी. बारिश के दौरान जलभराव से निपटने के लिए प्रमुख ड्रेनेज प्वाइंट, नालों के संगम और संवेदनशील चौराहों को भी निगरानी के दायरे में लाया गया है. इसके अलावा अवैध रूप से कूड़ा डंप करने वालों की भी तुरंत पहचान की जाएगी. कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए संबंधित विभाग फौरन एक्शन ले सकेंगे, जिससे गुरुग्राम के निवासियों को जाम, गंदगी और जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.
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