ICICI की पूर्व CEO चंदा कोचर और पति दीपक की स्पेशल कोर्ट में पेशी, CBI ने मांगी 3 दिन की हिरासत

वीडियोकॉन को दिए गए लोन के मामले में CBI ने बड़ा एक्शन लेते हुए ICICI बैंक की पूर्व MD और CEO चंदा कोचर को उनके पति दीपक कोचर के साथ गिरफ्तार कर लिया था. आज उन्हें सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया.

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चंदा कोचर और दीपक कोचर (फाइल फोटो) चंदा कोचर और दीपक कोचर (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 24 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

वीडियोकॉन को दिए गए लोन के मामले में CBI ने बड़ा एक्शन लेते हुए ICICI बैंक की पूर्व MD और CEO चंदा कोचर को उनके पति दीपक कोचर के साथ गिरफ्तार कर लिया था. आज उन्हें सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान सीबीआई ने चंदा कोचर और दीपक कोचर की 3 दिन की हिरासत की मांग की.

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एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों की एक टीम आज सुबह मुंबई की फ्लाइट से दंपति के साथ रवाना हुई है. दरअसल, कोचर दंपत्ति को शुक्रवार को एजेंसी मुख्यालय बुलाया गया और संक्षिप्त पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था.

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि वे अपने जवाबों में टालमटोल कर रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे. आरोप है कि जब चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक की कमान संभाल रही थीं, तब उन्होंने वीडियोकॉन ग्रुप को लोन दिया था. बदले में चंदा के पति दीपक कोचर की कंपनी नू रिन्यूएबल को वीडियोकॉन से निवेश मिला था.

जानकारी के मुताबिक 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को ICICI बैंक द्वारा लोन दिया गया था. जो बाद में एनपीए हो गया और बाद में इसे "बैंक फ्रॉड" कहा गया. सितंबर 2020 में प्रवर्तन निदेशालय ने दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था. दरअसल, 2012 में, चंदा कोचर के नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ का लोन दिया और छह महीने बाद वेणुगोपाल धूत के स्वामित्व वाली मेसर्स सुप्रीम एनर्जी ने मैसर्स न्यूपावर रिन्यूएबल्स को 64 करोड़ का लोन दिया, जिसमें दीपक कोचर की 50% हिस्सेदारी है.

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ICICI बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और सेबी को एक पत्र लिखकर वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और ICICI की सीईओ व एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था. इसमें दावा है कि धूत की कंपनी वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया गया और इसके बदले धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी 'नूपावर' में अपना पैसा निवेश किया.

आरोप है कि इस तरह चंदा कोचर ने अपने पति की कंपनी के लिए वेणुगोपाल धूत को लाभ पहुंचाया. साल 2018 में यह खुलासा होने के बाद चंदा कोचर को बैंक से इस्तीफा देना पड़ा था. सीबीआई ने पहले फरवरी, 2018 में इस मामले में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी.
 

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