दिल्ली में SIR अभियान चल रहा है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का आज अंतिम दिन है. दो बार दिल्ली में SIR की समय सीमा बढ़ाई गई थी. इसके बावजूद राजधानी में अब तक कुल 66.84% फॉर्म ही पुराने वोटर रिकॉर्ड से मैप होकर डिजिटाइज हो पाए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों की मानें तो दिल्ली की लगभग 1.45 करोड़ वोटरों वाली सूची में 33% से ज्यादा यानी 48 लाख से अधिक फॉर्म अभी तक जमा या डिजिटाइज नहीं हुए हैं. दूसरी बार तारीख बढ़ने के बाद दिल्ली में डिजिटाइजेशन की रफ्तार और धीमी हो गई. इन फॉर्म का पुराने रिकॉर्ड से मिलान और डिजिटाइजेशन होना बाकी है.
अब तक लगभग 66.84% फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं. अब तक 33% फॉर्म जमा या अपलोड नहीं हो पाए हैं. ऐसे में इन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूट सकते हैं. हालांकि बाद में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. दिल्ली में SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं को इन तारीखों को याद रखना चाहिए:
17 अगस्त 2026: SIR के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने की अंतिम तारीख
24 अगस्त 2026: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन
24 अगस्त से 23 सितंबर 2026: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में त्रुटि या नाम छुट जाने पर मतदाता फॉर्म 6 भरकर 23 सितंबर तक अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.
27 अक्टूबर 2026: दिल्ली में फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन
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दिल्ली में SIR के प्रक्रिया के तहत सर्वेक्षण का आज अंतिम दिन है. ऐसे में, 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद मतदाताओं के पास अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 23 सितंबर तक का समय रहेगा.
राजधानी दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र-शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जारी है. ये SIR का तीसरा फेज है.
संजय शर्मा