दिल्ली सत्य निकेतन हादसे में आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम बेटे महेश ने पूछताछ के दौरान पुलिस को कई जानकारी हाथ ली है. महेश ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद परिवार भिवाड़ी भाग गया था. वह माता-पिता की तरफ से बिल्डिंग के मेंटेनेंस के काम को देखता था और बिल्डिंग अगस्त 2025 में 'हॉस्टल डेज' पीजी ऑपरेटर्स को लीज पर दी गई थी.
पुलिस पूछताछ में महेश ने खुलासा किया कि हादसे से पहले पिछले 8-10 दिनों से बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. बारिश के मौसम में बेसमेंट में कचरा जमा होने की वजह से ये काम कराया जा रहा था. इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए विस्तार का काम भी जारी था. महेश ने बताया कि उन्होंने बिल्डिंग को अगस्त 2025 में पीजी ऑपरेटर्स ‘हॉस्टल डेज’ को लीज पर दिया था.
'स्थानीय लोगों ने दी हादसे की सूचना'
महेश के मुताबिक, हादसे वाले दिन उसे और उसके परिवार को स्थानीय लोगों से बिल्डिंग गिरने की सूचना मिली थी. घटना की भनक लगते ही वह तुरंत अपने घर से निकले और राजस्थान के भिवाड़ी स्थित अपनी ससुराल भाग गए थे. पुलिस अब इस पूरे मामले में महेश की हिरासत के दौरान और गहन जानकारी जुटा रही है.
कासगंज से पकड़ा गया कॉन्ट्रैक्टर
वहीं, मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ लिया है. सनोज को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है. पुलिस हादसे से पहले इमारत में चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्य में उसकी भूमिका तथा सुरक्षा मानकों की गहन पड़ताल करेगी.
इससे पहले अदालत ने आरोपी हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस कस्टडी मिली है. पुलिस अब महेश, सनोज और अन्य लोगों से आमने-सामने पूछताछ कर हादसे की असली वजह तलाशने में जुटी है.
आपको बता दें कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे इमारत गई गई थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 5 छात्र भी शामिल हैं. जबकि करीब एक दर्जन लोगों को मलबे से बचाया गया. इमारत में हादसे से पहले बेसमेंट में बारिश के पानी और कचरे की वजह से मरम्मत का काम तथा ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल विस्तार का निर्माण चल रहा था, जिसके दौरान एक पिलर खिसकने से पूरी संरचना ढह गई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का जायजा लिया, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए, मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया, पांच एमसीडी अधिकारियों को निलंबित किया, अवैध पांच मंजिला इमारतों को सील करने और आसपास की खतरनाक बिल्डिंग को गिराने के आदेश दिए.
अरविंद ओझा