दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली. आसमान में काले बादल छा गए, ठंडी हवाएं चलने लगीं और झमाझम बारिश हुई. मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी. मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में कल भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी आशंका है.
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई इलाकों में आगामी 24 घंटों के अंदर बारिश के एक या दो दौर देखने को मिल सकते हैं. कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े बादलों के बढ़ने के साथ मौसम तेजी से बदला है. दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कल भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इसके बाद वीकेंड पर मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है.
तेज हवाएं चलेंगी, बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को शाम और रात के समय कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ जगहों पर हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. आईएमडी ने लोगों से ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहने, पेड़ों के नीचे रुकने और बिजली चमकने के दौरान असुरक्षित जगहों पर खड़े रहने से बचने की सलाह दी है. 16 अक्टूबर को भी बारिश के कुछ दौर आ सकते हैं.
दिल्ली समेत कई राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट
बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई है. इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि हो सकती है. तेज बारिश, बिजली और हवाओं के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. ओले गिरने की आशंका वाले इलाकों में वाहन खुले स्थानों पर खड़े करने से बचने की सलाह है.
अक्टूबर में क्यों बार-बार करवट ले रहा मौसम?
दिल्ली में अक्टूबर के दौरान बारिश के कई दौर देखने को मिले हैं. 12 अक्टूबर 2026 को हुई बारिश को पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे अधिक बारिश वाला दिन बताया गया था. मौसम में इस बदलाव के पीछे उत्तरी पाकिस्तान के आसपास एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और हरियाणा के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन अहम कारण हैं. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही हैं. इन वेदर सिस्टम के असर से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में बादल, बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल रही है.
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