धुआं-धुआं दिल्ली, कई इलाकों में AQI साढ़े तीन सौ के पार, मुंबई में भी दिखने लगा आतिशबाजी इफेक्ट

दिल्ली में दिवाली के दिन वायु गुणवत्ता चार साल में सबसे खराब दर्ज की गई. प्रदूषण का स्तर रात में तेजी से बढ़ा, जिसमें PM2.5 की सांद्रता 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुँच गई, जो 2021 के बाद सबसे अधिक है.

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दिल्ली में हवा की गुणवत्ता अभी भी बहुत खराब स्थिति में है. (photo: PTI) दिल्ली में हवा की गुणवत्ता अभी भी बहुत खराब स्थिति में है. (photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

दीवाली के बाद दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है. कई इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच गया है और स्मॉग की चादर ने शहर को घेर लिया है. PM2.5 की सांद्रता 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई जो 2021 के बाद सबसे ज्यादा है. वहीं, मुंबई के भी कई इलाकों में धुंध की मोटी चादर छाई हुई है.

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CPCB के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दिवाली के दिन AQI 330, 2023 में 218, 2022 में 312, और 2021 में 382 था. इस बार रात में प्रदूषण में तेजी से उछाल आया. सोमवार रात 10 बजे AQI 344 था जो आधी रात तक 349 तक पहुंच गया और अगली सुबह 10 बजे तक 359 पर बना रहा. बुधवार सुबह 7 बजे ITO में AQI 361, आनंद विहार में 355, अलीपुर में 318, बवाना में 376, और विवेक विहार में 357 दर्ज किया गया.

बांद्रा में AQI 300 के पार

दिल्ली के अलावा मुंबई में भी प्रदूषण खराब श्रेणी में बना हुआ है. सीपीसीबी के अनुसार शहर के बांद्रा इलाके में धुंध की मोटी परत छाई हुई है. सीपीसीबी के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 दर्ज किया गया जो 'खराब' श्रेणी में है.

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रात में बढ़ा प्रदूषण का स्तर

CPCB के प्रति घंटा बुलेटिन के अनुसार, दीवाली की रात में AQI लगातार उच्च रहा. रात 10 बजे AQI 344, 11 बजे 347, आधी रात को 349 और 1 बजे 348 रहा. मंगलवार की सुबह भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ. सुबह 5 बजे AQI 346, 6 बजे 347, 7 बजे 351, 8 बजे 352, 9 बजे 356 और 10 बजे से दोपहर तक 359 पर स्थिर रहा.

PM2.5 का खतरनाक स्तर

PM2.5 का स्तर भी पिछले चार सालों में सबसे खराब दर्ज किया गया. दिवाली की देर रात ये 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के सबसे ज्यादा स्तर पर पहुंच गया. तुलना के लिए, 2024 में PM2.5 609, 2023 में 570, 2022 में 534, और 2021 में 728 था. PM2.5 का स्तर दिवाली की शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच 91 था जो रात 9 बजे तक 371 और रात 10 बजे 537 पर पहुंच गया. ये स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है.

दीवाली के दिन शाम 4 से 5 बजे के बीच PM2.5 का स्तर 91 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो हर घंटे बढ़ता गया. शाम 6 बजे ये 106, 7 बजे 146, 8 बजे 223, 9 बजे 371, 10 बजे 537 और आधी रात को 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया. मंगलवार को ये स्तर फिर से 91 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक गिर गया.

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में 345 रहा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी

सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी थी, लेकिन लोगों ने देर रात तक जश्न मनाया. जिसके कारण मंगलवार को शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में 351 रहा.

पड़ोसी राज्यों की भूमिका

डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के वायु प्रदूषण में परिवहन से उत्सर्जन का योगदान 14.6% था. इस में पड़ोसी राज्यों का योगदान इस प्रकार रहा: गाजियाबाद 6%, नोएडा 8.3%, गुरुग्राम 3.6% और पराली जलाने का योगदान 1% था.

GRAP-II की पाबंदी लागू

दिवाली के दिन सैटेलाइट डेटा में पंजाब में 45, हरियाणा में 13 और उत्तर प्रदेश में 77 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं. CAQM ने रविवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण II को लागू किया था.

CPCB के अनुसार, AQI 0-50 को 'अच्छा', 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' माना जाता है.

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