मुंबई के वांटेड अपराधी अख्तर मर्चेंट को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया है. उसका नाम दाऊद इब्राहिम के पूर्व सहयोगी के तौर पर सामने आया है. इंटरपोल के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या की कोशिश, रंगदारी, आपराधिक साजिश, अवैध हथियार रखने समेत कई गंभीर मामलों का जिक्र है. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था.
इंटरपोल के मुताबिक, अख्तर का जन्म 4 सितंबर 1965 को मुंबई में हुआ था. उसकी उम्र 60 साल है. वह भारतीय नागरिक है. रिकॉर्ड में उसकी पहचान से जुड़ी दूसरी जानकारियां भी दर्ज हैं.
हत्या की कोशिश से लेकर रंगदारी तक केस
अख्तर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 384, 120B और 34 के तहत मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या की कोशिश, रंगदारी, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से जुड़े आरोप शामिल हैं. इसके अलावा, उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी दर्ज हैं. इन मामलों में अवैध तरीके से हथियार या गोला-बारूद रखने से जुड़े आरोप शामिल हैं. अख्तर का नाम ड्रग्स और हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों में भी सामने आया है.
अख्तर मर्चेंट पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी MCOCA की धाराएं भी लगी हैं. इस कानून के तहत संगठित अपराध, उसकी साजिश या किसी आपराधिक गिरोह का हिस्सा बनने से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जाती है.
इन गंभीर मामलों के चलते महाराष्ट्र पुलिस ने उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था. अगस्त महीने में यह नोटिस जारी होने के बाद उसकी तलाश तेज थी.
2022 में महाराष्ट्र ATS ने किया था गिरफ्तार
अख्तर मर्चेंट को महाराष्ट्र ATS ने 2022 में गिरफ्तार किया था. अब दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी हिरासत के बाद पुराने मामलों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अख्तर का दाऊद इब्राहिम से पुराना कनेक्शन भी रहा है. इसी वजह से उसका नाम मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है. फिलहाल एयरपोर्ट पर हिरासत के बाद संबंधित एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं.
अरविंद ओझा