'पाकिस्तान के लोग हमें अपना दुश्मन नहीं मानते', बोले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर

कांग्रेस नेता अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान में पोस्टिंग के पहले दो-तीन हफ्तों के भीतर एक दिन हम डिनर से वापस आ रहे थे, जब मेरी पत्नी सुनीत ने मुझसे एक सवाल पूछा जो कराची में रहने के दौरान मेरे दिमाग में गूंजता रहा, 'यह एक दुश्मन देश है, ठीक है'. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भारत की "सबसे बड़ी संपत्ति" वहां के लोग हैं जो इसे दुश्मन देश नहीं मानते.

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कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर (फाइल फोटो) कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

पाकिस्तान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की वकालत करते हुए राजनयिक से नेता बने मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत तब तक दुनिया में अपना उचित स्थान नहीं ले पाएगा, जब तक उसका पड़ोसी गले की फांस बना रहेगा. दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 तक कराची में भारत के महावाणिज्यदूत के रूप में काम करने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी आत्मकथा "मेमोयर्स ऑफ ए मेवरिक - द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991)" में अपने पाकिस्तान कार्यकाल का जिक्र किया है.

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अपनी नई किताब को लेकर अय्यर ने कहा कि उनके नौकरशाही करियर का पीक प्वाइंट पाकिस्तान में महावाणिज्य दूत के रूप में उनका कार्यकाल था और उन्होंने पहले कराची में अपने 3 वर्षों पर बहुत विस्तार से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भारत की "सबसे बड़ी संपत्ति" वहां के लोग हैं जो इसे दुश्मन देश नहीं मानते.

कांग्रेस नेता अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान में पोस्टिंग के पहले दो-तीन हफ्तों के भीतर एक दिन हम डिनर से वापस आ रहे थे, जब मेरी पत्नी सुनीत ने मुझसे एक सवाल पूछा जो कराची में रहने के दौरान मेरे दिमाग में गूंजता रहा, 'यह एक दुश्मन देश है, ठीक है'. अय्यर ने कहा कि उन्होंने वहां अपने तीन वर्षों के दौरान और पाकिस्तान से वापस आने के बाद पिछले 40 वर्षों में खुद से यह सवाल पूछा है.

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अय्यर कहते हैं कि मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि सेना के किसी भी वर्ग या राजनीति के किसी भी वर्ग का दृष्टिकोण कुछ भी हो, जहां तक पाकिस्तान के लोगों का सवाल है, वे न तो दुश्मन देश हैं और न ही वे भारत को दुश्मन देश मानते हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि हर बार जब हम (पाकिस्तानी) सरकार के प्रति अपनी अस्वीकृति प्रदर्शित करना चाहते हैं, तो वीजा रोक दिया जाता है, फिल्में रोक दी जाती हैं, टीवी का प्रसारण रोक दिया जाता है, किताबें रोक दी जाती हैं, यात्रा रोक दी जाती हैं, इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि हम क्यों नहीं जानते कि अस्वीकृति ठीक तरह से कैसे प्रदर्शित करनी है. अय्यर ने कहा कि हमारे कूटनीतिक दृष्टिकोण के अभिन्न अंग के रूप में पाकिस्तान के लोगों की सद्भावना का लाभ उठाएं. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों से भारत और पाकिस्तान के बीच सभी बातचीत बंद है.

मणिशंकर ने कहा कि जब तक पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बने, लगभग हर प्रधानमंत्री पाकिस्तानियों के साथ किसी न किसी तरह की बातचीत का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अब हम एक ठहराव की स्थिति में हैं. पाकिस्तान की सेना जो अभी भी अपना मुंह बंद कर रही है, यह पाकिस्तान के लोग हैं, जिनके रिश्तेदार बड़ी संख्या में भारत में रहते हैं और उनमें से कई हमारे देश की यात्रा करने की इच्छा रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत में असफलताएं मिलेंगी, समय लगेगा और हमें पाकिस्तान के साथ व्यवहार्य संबंध स्थापित करने के लिए धैर्य और दृढ़ता रखने की जरूरत है.

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अय्यर ने कहा कि जब तक पाकिस्तान हमारे गले की फांस बना रहेगा, तब तक हम दुनिया में अपना उचित स्थान हासिल नहीं कर सकते. यह सुझाव देना हास्यास्पद है कि भारत 'विश्वगुरु' है, हालांकि हम तो ये भी नहीं जानते कि हमारे पड़ोसी के साथ क्या किया जाए.

अय्यर ने अपनी किताब में दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की भी मजबूत वकालत की है और कहा है कि आम पाकिस्तानी न केवल हमारी तरह एक ही भाषा बोलते हैं और एक जैसी 'तहजीब' (संस्कृति) साझा करते हैं, बल्कि वे बॉलीवुड और उसके संगीत से प्यार करते हैं. 
 

 

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