कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी दो दिवसीय बैठक के बाद राष्ट्रीय कार्यसमिति के नाम और संगठनात्मक ढांचे का औपचारिक ऐलान कर दिया है. पार्टी ने संगठनात्मक संरचना और राष्ट्रीय विस्तार की रूपरेखा भी जारी की है.
पार्टी के अनुसार, अगले छह महीनों में पूरे देश में राज्य समन्वय समितियां तथा लोकसभा और शहर स्तर की यूनिटें स्थापित की जाएंगी. साथ ही पार्टी ने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) के संदर्भ में आठ छात्र प्रतिनिधियों की लिस्ट जारी की है. साथ ही बैठक को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.
पार्टी ने 30 वर्षीय अभिजीत दिपके को संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है. संगठन विस्तार और अभियानों के लिए अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी और दीपक बालियान को सह-प्रभारी बनाया गया है.
आशुतोष और सौरभ को बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आशुतोष रांका और सौरव दास को सह-संयोजक बनाया गया है. आफरीन नवाज को राष्ट्रीय सचिव और विजय मल्लांगी को मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है. कानूनी मामलों की कमान रत्ना सिंह संभालेंगी, जबकि वैष्णवी गौर शोध और नीति प्रमुख बनाई गई हैं. रोहन देशपांडे को तकनीक प्रमुख और योगेश इंगले को वित्त प्रमुख नियुक्त किया गया है.
6 महीनों में विस्तार की योजना
सीजेपी ने क्षेत्रीय विस्तार के लिए जोनल नेतृत्व की भी घोषणा की है. उत्तर क्षेत्र का जिम्मा दीपक बालियान, दक्षिण क्षेत्र का विजय मल्लांगी, पूर्व एवं उत्तर-पूर्व क्षेत्र का अंकित भारद्वाज और पश्चिम क्षेत्र का जिम्मा योगेश इंगले को सौंपा गया है. अगले छह महीनों में पार्टी राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर समन्वय यूनिटें स्थापित करेगी.
JPSC-JSSC वार्ता के लिए 8 छात्र प्रतिनिधि का गठन
इसके अलावा सीजेपी ने जेएसएससी और जेपीएससी मुद्दों पर वार्ता के लिए आठ छात्र प्रतिनिधियों का चयन किया है. छात्र प्रतिनिधियों का नेतृत्व रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रवीन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह करेंगे. इसके अलावा वार्ता को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.
प्रतिनिधिमंडल में अभिभावक और मार्गदर्शक के रूप में पत्रकारों और कानूनविद को भी जगह दी गई है. पत्रकार प्रतिनिधि के रूप में शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा शामिल हैं, वहीं, कानूनविद के रूप में अजीत कुमार को अभिभावक के तौर पर जोड़ा गया है.
पार्टी के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार बैठक के दौरान सभी विषयों, तथ्यों और मांगों को केवल छात्र प्रतिनिधियों द्वारा ही प्रस्तुत किया जाएगा. पत्रकार और कानूनविद किसी भी प्रकार की बातचीत, बयान या तथ्य प्रस्तुत नहीं करेंगे.
इसके अलावा मीडिया से जुड़े अभिभावक अंदर प्रवेश करते वक्त कोई भी माइक, कैमरा, रिकॉर्डिंग डिवाइस या साउंड सिस्टम साथ नहीं ले जाएंगे.
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