दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले बड़े प्रदर्शन से पहले देशभर में लोगों को हिरासत में लेने के आरोप लगे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी संगठनों का आरोप है कि दिल्ली जाने वाले हजारों प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका जा रहा है और ट्रेनों से उतारा जा रहा है. CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दावा किया कि देशभर में कम से कम 10 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है. पिछले 24 घंटों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस लोगों को ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर रोकती दिख रही है. हालांकि, इन हिरासतों का शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से संबंध स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है.
मध्य प्रदेश में गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे करीब 15 छात्रों को पुलिस ने ट्रेन से उतार दिया. सामने आए एक वीडियो में पुलिसकर्मी युवाओं को ट्रेन से उतारते दिख रहे हैं. इस दौरान प्लेटफॉर्म पर हंगामा भी हुआ. इटारसी जीआरपी के इंस्पेक्टर संजय चौकसे ने बताया कि छात्रों को ट्रेन से उतारने के बाद छोड़ दिया गया. उन्होंने हिरासत में लेने की बात से इनकार किया और कहा कि छात्र अपनी मर्जी से एक होटल में ठहरे थे.
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्रों को ट्रेन से उतारे जाने के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को आपातकाल घोषित कर देना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CJP के तेलंगाना के कई वॉलंटियर्स को भोपाल से हिरासत में लिया गया.
बंगाल, राजस्थान और दिल्ली में भी कार्रवाई के आरोप
CJP ने दावा किया कि कोलकाता में उसके एक दल को सादे कपड़ों में आए लोग उठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए. संगठन ने राजस्थान पुलिस पर उसके संगठनात्मक सह-प्रभारी दीपक बलियान को अलवर स्थित घर से जबरन हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया. CJP के मुताबिक, पैर में फ्रैक्चर से उबर रहे बलियान को कुछ घंटों बाद छोड़ा गया. संगठन ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में PG और हॉस्टल में पुलिस पहुंच रही है.
वहीं, वामपंथी संगठन SFI ने आरोप लगाया कि पुलिस उसके सदस्यों के घर जाकर उन्हें दिल्ली जाने से रोक रही है. AISA ने भी बड़े पैमाने पर लोगों को घरों में नजरबंद किए जाने का दावा किया. संगठन की प्रमुख नेहा बोरा ने कहा कि आयोजकों को गिरफ्तार किए जाने पर भी आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को रोके जाने, 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती पर सवाल उठाए.
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन CJP और दूसरे संगठनों ने पीछे हटने से इनकार किया है. राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली सभी ट्रेनों को रद्द किया गया है और 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए हैं. हालांकि, नई दिल्ली स्टेशन को छोड़कर बाकी मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी. इन पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल उठाए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि मेट्रो और अन्य ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती. कोर्ट ने कहा, “आप एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं कर सकते.” अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शन को लेकर आगे की स्थिति पर नजर है.
INDIA ब्लॉक ने की आलोचना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले ट्रेनें रद्द किए जाने को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सरकार की आलोचना की है. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया है. CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने भी 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इनमें दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करना, मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद करना शामिल है. इस मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल उनका पक्ष रख रहे हैं.
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