CJP प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, तुषार मेहता बोले- बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले रिहा

सोमवार को सीजेपी प्रदर्शन के दौरान युवाओं पर दर्ज एफआईआर और गिरफ्तार लोगों की रिहाई से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जिन लोगों का आपराधिक बैकग्राउंड नहीं है उन्हें रिहा कर दिया है.

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सुप्रीम कोर्ट में सीजेपी प्रोटेस्ट पर सुनवाई (फोटो: PTI) सुप्रीम कोर्ट में सीजेपी प्रोटेस्ट पर सुनवाई (फोटो: PTI)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर और गिरफ्तार लोगों की रिहाई से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की. 

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा. उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं उन्हें रिहा कर दिया गया है. 

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याचिकाकर्ताओं में से एक ने बताया कि वे CJP और दूसरे प्रदर्शनकारियों की तरफ से सरकार के संपर्क में हैं. वहीं, याचिकाकर्ताओं की वकील वृंदा ने पुलिस से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की. 

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इस पर तुषार मेहता ने कहा कि एफआईआर को लेकर कुछ गलतफहमी थी. सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है. उन्होंने बताया कि सरकार समाधान निकालने पर काम कर रही है. उन्होंने इस बात को दोहराया कि सरकार इस मामले को लेकर बहुत गंभीर है और अपने वादे पर कायम है. 

याचिकाकर्ताओं की वकील ने कहा कि जिनकी पहचान हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना है कि कई वीडियो हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों का बर्ताव दिख रहा है. उन पुलिसकर्मियों की पहचान हुई है. 

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उनकी मांग है कि पुलिस के IG और RAF डायरेक्टर को निर्देश दिया जाना चाहिए कि उन्होंने पेलेट गन आदि की अनुमति कैसे दी. याचिकाकर्ताओं के वकील की ओर से सवाल किया गया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जो FIR हुई हैं, वह रद्द की जाएंगी या वापस ली जाएंगी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका जवाब देते हुए बताया कि सरकार अपने वादे पर कायम है. उनका कहना है कि कानूनी तौर पर जो भी तरीका सही होगा, वही अपनाया जाएगा.

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