'आंखों की रोशनी जाने का खतरा', जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में घायल 19 साल के साहिल पर परिवार का दावा

20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च में घायल हुए 19 साल के साहिल लोचाब के परिवार ने दावा किया है कि पैलेट लगने से उनकी आंख की रोशनी जाने का खतरा है. फिलहाल उनका इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है.

Advertisement
परिवार ने आंख की रोशनी पर जताई आशंका (Photo: ITG) परिवार ने आंख की रोशनी पर जताई आशंका (Photo: ITG)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के सांसद मार्च के दौरान पैलेट लगने से 19 साल के साहिल की आंखों की रोशनी खतरे में है. साहिल के परिवार का दावा है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान उन्हें शरीर पर पैलेट लगे थे. साहिल के चाचा अजय का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि उनकी आंखों की रोशनी वापस आने की संभावना बहुत कम है.

Advertisement

साहिल 20 जुलाई को संसद की तरफ मार्च करने गए प्रदर्शन में शामिल हुए थे. इसी दौरान उनके शरीर पर पैलेट लगे. शुरुआत में उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया. बाद में उनकी हालत को देखते हुए उन्हें एम्स के ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट कर दिया गया. फिलहाल साहिल का इलाज एम्स में चल रहा है.

साहिल के चाचा अजय ने बताया कि डॉक्टरों ने अभी तक उन्हें यह साफ तौर पर नहीं बताया है कि साहिल को किस तरह की चोटें आई हैं. हालांकि अजय का कहना है कि उन्होंने खुद साहिल के शरीर पर पैलेट के निशान देखे हैं. परिवार को सबसे ज्यादा चिंता साहिल की आंखों की रोशनी को लेकर है क्योंकि डॉक्टरों ने इस बारे में उम्मीद बहुत कम बताई है.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर हिंसा पर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके का बड़ा दावा, बोले- आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहर से भेजे जा रहे लोग

Advertisement

यह मामला 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ा है जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आई थीं. साहिल का मामला इनमें से एक है जो फिलहाल सुर्खियों में है क्योंकि उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »