'वर्कलोड' के चलते हुई CA की मौत के बाद सख्त हुई केंद्र सरकार, कंपनी पर लगे आरोपों की होगी जांच

केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की दुखद मृत्यु से बहुत दुखी हूं. असुरक्षित और शोषणकारी कार्य वातावरण के आरोपों की गहन जांच चल रही है.'

Advertisement
अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल अर्न्स्ट एंड यंग के साथ काम करने वाली एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थीं अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल अर्न्स्ट एंड यंग के साथ काम करने वाली एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थीं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

महाराष्ट्र के पुणे में एक 26 वर्षीय  चार्टर्ड अकाउंटेंट युवती की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अब इस मामले में केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिसके कारण अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया (E&Y) में काम करने वाली 26 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की मौत हो गई.

Advertisement

अन्ना की मौत कथित तौर पर अत्यधिक काम के दबाव के कारण हुई. मृतका की मां द्वारा अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया के प्रमुख को लिखे गए भावुक कर देने वाले पत्र के वायरल होने के बाद इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में बेहद गुस्सा है.

श्रम राज्य मंत्री का बयान

श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि असुरक्षित और शोषणकारी वर्क कल्चर के आरोपों की गहन जांच चल रही है.शोभा करंदलाजे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की दुखद मौत से बहुत दुखी हूं. हम न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और श्रम मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर शिकायत को अपने हाथ में ले लिया है."

यह भी पढ़ें: EY Pune Employee: अकाउंटिंग कंपनी में काम करने वाली कर्मचारी की मौत, मां ने कहा- वर्क लोड ज्यादा था

Advertisement

मंत्री करंदलाजे भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर के एक पोस्ट का जवाब दे रही थी, जिन्होंने अन्ना की मौत को बहुत दुखद और "कई स्तरों पर परेशान करने वाला" बताया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया से अपनी कंपनी के टॉक्सिक वर्क कल्चर की जांच करने की भी मांग की थी. 

20 जुलाई को हुई थी अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की मौत

मार्च में E&Y ज्वॉइन करने वाली वाली अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की 20 जुलाई को पुणे के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. थकावट की शिकायत के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था.

यह घटना इस सप्ताह की शुरुआत में तब सामने आई जब उनकी मां अनीता ऑगस्टीन द्वारा EY के इंडिया हेड को लिखा गया एक पत्र वायरल हो गया. पत्र में पुणे की महिला ने बताया कि कैसे उनकी बेटी कथित तौर पर अत्यधिक काम के दबाव में थी, जिससे उसका स्वास्थ्य प्रभावित हुआ और अंततः उसकी मौत हो गई.

यह भी पढ़ें: वर्कलोड से 26 साल की CA की मौत, कॉर्पोरेट में काम करते युवाओं ने कहा- जान लेकर ही रुकेगी 99 की दौड़

इसमें अनीता ऑगस्टीन ने दावा किया कि उनकी 26 साल की बेटी से ऑफिस ही नहीं बल्कि घर में आने के बाद भी इतना काम कराया जाता था कि इससे उसकी सेहत बिगड़ते चली गई. कंपनी ज्वॉइन करने के 4 महीने के अंदर उसकी मौत हो गई. यहां तक कि बेटी के अंतिम संस्कार में उसके ऑफिस से कोई शामिल तक नहीं हुआ. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »