असम में कहीं दरिया बना तो, कहीं टापू, बाढ़ से अब तक 78 की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है जहां शिवसागर और गोलाघाट में तीन और मौतों के साथ कुल मृतकों की संख्या 78 पहुंच गई है. राज्य के सात जिलों में 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और 21,523.08 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो चुका है.

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असम में बाढ़ का कहर. (Photo: PTI) असम में बाढ़ का कहर. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • गुवाहाटी,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. बुधवार को शिवसागर और गोलाघाट में तीन और मौतों के साथ बाढ़ से मरने वालों की संख्या  78 पहुंच गई है. राज्य के सात जिलों में 3 लाख लोग प्रभावित हैं. बाढ़ का पानी 21 राजस्व सर्कल और 551 गांवों तक पहुंच गया है,  21,523.08 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है. इसी बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा सरकारी बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर में दो और गोलाघाट में एक व्यक्ति की जान चली गई, जिससे इस साल बाढ़ से मारने वालों की संख्या 78 हो गई है. राज्य के सात जिलों- शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, विश्वनाथ और कामरूप मेट्रोपॉलिटन में 3,00,031 लोग अभी-भी बाढ़ से प्रभावित हैं. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

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चराईदेव सबसे ज्यादा प्रभावित

सरकारी बुलेटिन के अनुसार,  बाढ़ से राज्य के सात जिले प्रभावित हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चराईदेव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 1,37,561 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद शिवसागर में 84,600 और जोरहाट में 49,911 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. मंगलवार को प्रभावितों की संख्या 3.32 लाख थी, जिससे स्थिति में थोड़ा सुधार संकेतित होता है.

 

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 71 राहत शिविरों में 16,500 से ज्यादा विस्थापित लोगों ने शरण ली है. इसके अलावा 30 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से 72,000 से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की जा रही है.

हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद

बाढ़ ने तटबंधों, सड़कों, मकानों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों समेत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. राज्य में 21,523.08 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न बना हुआ है.

एएसडीएमए ने बताया कि 11,000 से अधिक मवेशी बह गए हैं, जबकि अन्य 17,000 पशुधन प्रभावित हुए हैं. चिकित्सा और पशु चिकित्सा दल, कई बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं.

नदियों के उफान के साथ-साथ कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के गुवाहाटी में शहरी जलभराव की समस्या बनी हुई है. आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, तीन राजस्व सर्कल और 10 इलाके प्रभावित हैं. प्रभावित क्षेत्रों में पदुमबारी, बोरागांव, एक्सेलकेयर अस्पताल, लचित नगर, ज़ू रोड, रुकमणीगांव, अनिल नगर, नवीन नगर, सातगांव, बेहदबारी, हाटीगांव, वायरलेस, जोराबहाट और जुबीन क्षेत्र के पास कामरकुची शामिल हैं. हालांकि, शहरी जलभराव से आधिकारिक तौर पर किसी आबादी के प्रभावित होने की सूचना नहीं है.

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केंद्रीय ने दिया मदद का भरोसा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया. 23 जुलाई के बाद सात दिनों में यह उनकी दूसरी बातचीत थी. मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह मंत्री ने जमीनी स्थिति की जानकारी ली और केंद्र के सभी संसाधनों से मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री सरमा ने घोषणा की कि वे गुरुवार को असम में काम करने वाले सभी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि प्रभावित नागरिकों के ऋणों के लिए विशेष सहायता उपायों पर चर्चा की जा सके.

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 28-29 जुलाई को अपने दो दिवसीय पूर्वी कमान दौरे के दौरान जारी बाढ़ राहत अभियानों की समीक्षा की. सेना ने बताया कि चीफ ने सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैयारियों और पूर्वोत्तर में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की. उन्हें दाव डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई. उन्होंने संकट के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता करने के लिए सैनिकों की सराहना की.

IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. मौसम कार्यालय ने तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. नागालैंड के मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों के लिए भी ऐसे ही अलर्ट जारी किए गए हैं, जिनका असर पड़ोसी असम के जिलों पर पड़ सकता है. मौसम विभाग ने भूस्खलन और जलभराव के खतरे की चेतावनी दी है.

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