जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर जारी घमासान के बीच श्रीनगर से पार्टी सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी के पार्टी छोड़ने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की तैयारी की खबर है. पार्टी के 20 विधायकों की बगावत के बीच आगा रुहुल्लाह मेहदी आज बडगाम में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे. यह रैली श्रीनगर के पास बडगाम स्थित बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में आयोजित की जा रही है. बताया जा रहा है कि आगा रुहुल्लाह इसी रैली के मंच से नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ने और सांसद पद से इस्तीफा देने का ऐलान करेंगे.
आगा रुहुल्लाह मेहदी के पिता की पुण्यतिथि के मौके पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस रैली में आगा रुहुल्लाह और उनके समर्थक अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेंगे. कई धार्मिक नेताओं और विद्वानों ने भी आगा रुहुल्लाह मेहदी को समर्थन दिया है. ऐसे में इस कार्यक्रम को उनके अगले राजनीतिक कदम के लिहाज से अहम माना जा रहा है. अगर वह लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं तो श्रीनगर संसदीय सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो जाएगा.
आगा रुहुल्लाह मेहदी पिछले करीब दो साल से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों को लेकर चर्चा में रहे हैं. वह लगातार अपनी ही पार्टी की नीतियों और नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं. उनका प्रमुख विरोध जम्मू-कश्मीर में आरक्षण व्यवस्था को लेकर रहा है. आगा रुहुल्लाह का कहना है कि आरक्षण को तर्कसंगत बनाने के लिए पार्टी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि जम्मू-कश्मीर में आरक्षण 50 फीसदी की निर्धारित सीमा को पार कर चुका है.
इसके अलावा आगा रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी नेतृत्व पर अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली जैसे अहम मुद्दों को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप भी लगाया है. इन मुद्दों को लेकर उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं. अब पार्टी के भीतर 20 विधायकों की बगावत के बीच उनके इस्तीफे की खबर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आज बडगाम में होने वाली रैली को इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
आगा रुहुल्लाह मेहदी की रैली को लेकर बडगाम जिला प्रशासन ने अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए 10 शर्तें भी निर्धारित की हैं. प्रशासन के आदेश के मुताबिक, कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही आयोजित किया जा सकेगा. सभा केवल तय स्थान यानी बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क तक सीमित रहेगी. आयोजकों को किसी भी तरह की रैली या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है. कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में किसी भी तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. किसी राष्ट्र-विरोधी संगठन से जुड़े बैनर, पोस्टर या अन्य सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी. इसके अलावा देश के हितों के खिलाफ किसी भी तरह की सामग्री दिखाने पर रोक रहेगी. प्रशासन ने केवल शांतिपूर्ण सभा आयोजित करने की अनुमति दी है और कार्यक्रम के दौरान किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को प्रतिबंधित किया है.
प्रशासन की शर्तों के मुताबिक, कार्यक्रम में ऐसी किसी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिससे हिंसा, नफरत या सांप्रदायिक अशांति फैलने की आशंका हो. किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण, पुतला दहन या प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है. चूंकि यह कार्यक्रम आगा रुहुल्लाह मेहदी के पिता की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित किया जा रहा है, इसलिए प्रशासन ने कहा है कि इससे कानून-व्यवस्था की कोई समस्या पैदा नहीं होनी चाहिए. कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए और न ही आम लोगों की आवाजाही में बाधा आनी चाहिए.
बडगाम जिला प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर रैली की अनुमति रद्द की जा सकती है. इसके साथ ही संबंधित नियमों और कानूनों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है. अब सबकी नजरें बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में होने वाली इस रैली पर हैं. इस दौरान आगा रुहुल्लाह मेहदी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या ऐलान करते हैं, यह जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिहाज से अहम होगा.
सुनील जी भट्ट