तीन नवजात और तिरंगे के तीन रंग... नासिक के अस्पताल में नर्सों ने ऐसे मनाया आजादी का जश्न, दिल छू लेगी तस्वीर

न कोई मंच था, न परेड... बस तीन नन्हे मेहमान थे और तिरंगे के तीन रंग. नासिक जिला अस्पताल की न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में स्वतंत्रता दिवस का जश्न कुछ ऐसा मनाया गया, जिसकी तस्वीर देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाए. एक नवजात केसरिया रंग में लिपटा था, दूसरा सफेद और तीसरा हरे रंग में. नर्सों ने तीनों को एक साथ रखकर तिरंगे का स्वरूप बना दिया.

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नासिक के जिला अस्पताल में अनोखा सेलिब्रेशन. (Photo: Screengrab) नासिक के जिला अस्पताल में अनोखा सेलिब्रेशन. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नासिक,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST

15 अगस्त का दिन... चारों तरफ तिरंगा, देशभक्ति के गीत और आजादी के जश्न का माहौल. लेकिन महाराष्ट्र के नाशिक में स्वतंत्रता दिवस का एक ऐसा सेलिब्रेशन हुआ, जो बेहद मासूम और खूबसूरत था. यहां नासिक जिला अस्पताल के न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में नन्हे-मुन्ने बच्चों को तिरंगे के रंगों में सजाकर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया.

नाशिक जिला अस्पताल की न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में स्वतंत्रता दिवस पर नर्सों ने कुछ ऐसा करने का फैसला किया, जो देखने में बेहद प्यारा था. एक बच्चे को केसरिया रंग के कपड़े में लपेटा गया. दूसरे बच्चे को सफेद रंग में. और तीसरे बच्चे को हरे रंग के कपड़े में. इसके बाद तीनों बच्चों को एक साथ रखा गया.

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अब जरा तस्वीर की कल्पना कीजिए. एक तरफ केसरिया रंग में लिपटा नन्हा बच्चा... बीच में सफेद रंग में मासूम सा चेहरा... और उसके साथ हरे रंग में लिपटा एक और नन्हा मेहमान. तीनों को साथ रखकर नर्सों ने तिरंगे का स्वरूप बना दिया. देशभक्ति का ये जश्न शायद सबसे नन्हे मेहमानों के साथ मनाया गया.

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इसके पीछे सिर्फ सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि नर्सों की ड्यूटी भी है. दरअसल, न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में नवजात बच्चों को इन्फेक्शन से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है. यूनिट में मौजूद नर्सों को हर वक्त बच्चों की देखभाल करनी होती है. ऐसे में अस्पताल में स्वतंत्रता दिवस का कोई कार्यक्रम हो और नर्सें उसमें शामिल होने के लिए यूनिट छोड़ दें- ये संभव नहीं था. तो नर्सों ने कहा कि कार्यक्रम में नहीं जा सकते तो क्या हुआ, आजादी का जश्न यहीं मनाएंगे. और फिर यूनिट के अंदर ही तैयार हो गया उनका छोटा सा स्वतंत्रता दिवस समारोह.

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जहां ड्यूटी, वहीं देशभक्ति

नर्सों ने बच्चों को तिरंगे के तीन रंगों में सजाया. कोई बड़ा मंच नहीं था. न कोई लंबी तैयारी. न कोई भाषण. बस तीन नन्हे बच्चे और तिरंगे के तीन रंग. लेकिन तस्वीर में देशभक्ति पूरी थी. नर्सों के लिए ये सिर्फ बच्चों को अलग-अलग रंग के कपड़े पहनाना नहीं था. उनके लिए ये अपने तरीके से देश के स्वतंत्रता दिवस को सेलिब्रेट करना था. क्योंकि उनकी ड्यूटी उन्हें बाकी कार्यक्रमों से दूर रख रही थी. लेकिन देशभक्ति के लिए जगह बदलना जरूरी नहीं था. उन्होंने अस्पताल की उसी यूनिट को अपना सेलिब्रेशन स्पॉट बना लिया.

बच्चों की मांओं के चेहरे पर भी आई खुशी

इस पूरे सेलिब्रेशन की सबसे खूबसूरत बात शायद बच्चों के माता-पिता की खुशी थी. अस्पताल में नवजात बच्चे की मां के लिए हर पल खास होता है. बच्चा ठीक है या नहीं, डॉक्टर क्या कह रहे हैं, कब घर जाएगा... इन सवालों के बीच अगर अचानक वही बच्चा तिरंगे के रंगों में सजा हुआ दिखाई दे, तो खुशी होना स्वाभाविक है. नर्सों की इस छोटी सी कोशिश से बच्चों की माताएं भी खुश हुईं. उनके लिए ये 15 अगस्त का ऐसा तोहफा था, जिसे शायद वे लंबे समय तक याद रखेंगी.

इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात यही है. जिन बच्चों को अभी ये भी नहीं पता कि 15 अगस्त क्या है... जिन्हें तिरंगा क्या होता है, इसका अंदाजा तक नहीं... वही बच्चे आजादी के जश्न का हिस्सा बन गए. उनके लिए तो अभी दुनिया बस मां की गोद, नर्सों की देखभाल और अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित है, लेकिन उनकी मासूमियत ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न को एक नया रंग दे दिया.

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देश में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर करोड़ों लोग तिरंगे को सलाम करते हैं. किसी के हाथ में झंडा होता है. किसी के घर की छत पर तिरंगा होता है. किसी के कपड़ों में तिरंगे के रंग होते हैं. और नाशिक के इस अस्पताल में तीन नन्हे बच्चे ही तिरंगा का स्वरूप बन गए.

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(रिपोर्ट: प्रवीण ठाकरे)

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