राजस्थान के करौली में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के ध्वजारोहण करते समय तिरंगा डोरी सहित नीचे आकर पैरों के पास गिर गया. अचानक हुई इस घटना से मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में मौजूद करौलीवासी, वीरांगनाएं, विद्यार्थी, अतिथि और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कलाकार कुछ पल के लिए हक्के-बक्के रह गए.
करौली के मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा था. कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. निर्धारित कार्यक्रम के तहत कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण किया जा रहा था.
इसी दौरान तिरंगे को ऊपर खींचते समय अचानक ध्वज रस्सी सहित नीचे आ गया और कलेक्टर के पैरों के पास गिर पड़ा. तिरंगा गिरते ही पूरे स्टेडियम में मौजूद लोगों का ध्यान घटनास्थल की ओर चला गया.
पुलिस कांस्टेबल को पोल पर चढ़ाकर दोबारा बांधी रस्सी
घटना के बाद आनन-फानन में तिरंगे को उठाया गया और ध्वजारोहण की व्यवस्था को ठीक करने का प्रयास किया गया. बताया गया कि पुलिस के एक कांस्टेबल को पोल पर चढ़ाया गया, जिसने ऊपर जाकर डोरी बांधी.इसके बाद तिरंगे को दोबारा ऊपर चढ़ाकर फहराया गया. देखें VIDEO:-
इस दौरान स्टेडियम में मौजूद वीरांगनाओं, स्कूली विद्यार्थियों, करौलीवासियों, अतिथियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कलाकारों की नजरें पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं.
स्वतंत्रता दिवस जैसे अहम राष्ट्रीय समारोह में ध्वजारोहण के दौरान तिरंगे के नीचे गिरने की घटना ने समारोह की व्यवस्थाओं और ध्वजारोहण की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कार्यक्रम के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे.