महाराष्ट्र के नवी मुंबई में बुधवार को लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया. कामोठे सेक्टर-10 स्थित साई सिद्धि सोसाइटी में एक फ्लैट के बेडरूम का स्लैब अचानक गिर गया. हादसे में 39 वर्षीय सुरेश लोखंडे की मौत हो गई, जबकि उनकी 12 वर्षीय बेटी वेदिका लोखंडे घायल हो गई.
घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबे में दबे पिता और बेटी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. हालांकि डॉक्टरों ने सुरेश लोखंडे को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी बेटी का इलाज जारी है.
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इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. साथ ही छह मंजिला इमारत की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
सुबह सोते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सुरेश लोखंडे अपने परिवार के साथ कामोठे सेक्टर-10 के प्लॉट नंबर-61 स्थित छह मंजिला साई सिद्धि सोसाइटी के फ्लैट नंबर-101 में रहते थे.
बुधवार सुबह करीब 6 बजे सुरेश लोखंडे और उनकी 12 वर्षीय बेटी वेदिका बेडरूम में सो रहे थे. इसी दौरान बेडरूम की छत का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया.
हादसे में स्लैब का बड़ा हिस्सा सुरेश लोखंडे के सीने और शरीर पर गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, मलबे का कुछ हिस्सा बेटी वेदिका पर भी गिरा, जिससे वह घायल हो गई.
सोसाइटी के लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
डॉक्टरों ने जांच के बाद सुरेश लोखंडे को मृत घोषित कर दिया. वहीं घायल वेदिका लोखंडे का कामोठे स्थित MGM अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. वहीं, सोसाइटी के अन्य निवासी भी हादसे के बाद डरे हुए हैं.
बिल्डिंग की सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे ने इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.
घटना के बाद संबंधित एजेंसियों और प्रशासन से बिल्डिंग की तकनीकी जांच कराने की मांग भी उठने लगी है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इमारत की स्थिति का निरीक्षण होता, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था. फिलहाल, घायल बच्ची का इलाज जारी है और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित स्तर पर जांच की जा रही है.
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