होर्डिंग दिखे इसलिए काट डाले 55 पेड़, सिर्फ 10 हजार में हुआ सौदा, एड एजेंसी का मालिक समेत 6 गिरफ्तार

नासिक के गंगापुर रोड पर रातों-रात 55 पेड़ काटने के मामले में चौंकाने वाला एंगल सामने आया है. आरोप है कि स्ट्रीट लाइट पर लगे विज्ञापन होर्डिंग्स के सामने आ रहे पेड़ों को हटाने के लिए सिर्फ 10 हजार रुपये दिए गए. पुलिस ने विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने सभी को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है.

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NGT और हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है पेड़ों की कटाई का मामला. (Photo: ITG) NGT और हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है पेड़ों की कटाई का मामला. (Photo: ITG)

प्रवीण ठाकरे

  • नासिक,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

नासिक के गंगापुर रोड पर पेड़ों की कटाई के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. जेहान सर्कल और बेंडकुले नगर के बीच डिवाइडर पर लगे 55 पेड़ों को रातों-रात काट दिया गया. मामला सामने आने के बाद गंगापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई और जांच शुरू हुई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये पेड़ स्ट्रीट लाइट पर लगे डबल विज्ञापन होर्डिंग्स और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों के बीच आ रहे थे. आरोप है कि होर्डिंग्स को साफ दिखाई देने के लिए पेड़ों को हटाने का फैसला किया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन पेड़ों को काटने के लिए कथित तौर पर सिर्फ 10 हजार  रुपये दिए गए.

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जिन पेड़ों को काटा गया, उनकी उम्र करीब 8 से 12 साल बताई गई है. ये पेड़ गंगापुर रोड के डिवाइडर पर लगाए गए थे. इनके पीछे सड़क पर छाया और सुंदरता बनाए रखने का उद्देश्य था. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, विज्ञापन बोर्ड दिखाई नहीं देने की वजह से पेड़ों को हटाने की बात सामने आई है. इसी एंगल पर पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है. शिकायतकर्ता श्रीकांत इरनाक की शिकायत के आधार पर गंगापुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है.

एजेंसी के डायरेक्टर पर भी आरोप

जांच में विज्ञापन एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है. संदिग्ध मच्छिंद्र देशमुख एक प्राइवेट एडवरटाइजिंग एजेंसी का डायरेक्टर बताया गया है. यह एजेंसी नगर निगम और दूसरी प्राइवेट संस्थाओं के विज्ञापन करती है. आरोप है कि मच्छिंद्र देशमुख ने अभिमन्यु खैरनार को अपने विज्ञापन होर्डिंग्स के रास्ते में आ रहे पेड़ों को हटाने के लिए 10 हजार रुपये दिए थे. पुलिस की जांच के मुताबिक, इन पेड़ों को 30 अगस्त की तड़के रात करीब 2 बजे से 3:45 बजे के बीच काटा गया.

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इस मामले में विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर मच्छिंद्र देशमुख, अभिमन्यु खैरनार और उनके चार अन्य साथियों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं के साथ महाराष्ट्र (अर्बन एरिया) प्रोटेक्शन एंड प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 2021 की धारा 21-1, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 15 और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया है. आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

पेड़ों की कटाई का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नासिक में आने वाले कुंभ मेले के विकास कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर पहले से विवाद चल रहा है. यह मामला NGT और हाई कोर्ट तक भी पहुंच चुका है. ऐसे में गंगापुर रोड पर रात के अंधेरे में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई ने एक अलग सवाल खड़ा कर दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेड़ों को किसके निर्देश पर काटा गया और इस पूरी कार्रवाई में कौन-कौन शामिल था.

कुंभ मेले के विकास कार्यों को लेकर पहले से विवाद

DCP मोनिका राउत ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गंगापुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई. नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से लगाए गए 50 से ज्यादा पेड़ों को काटे जाने की शिकायत मिली थी. ये पेड़ रोड डिवाइडर पर छाया और सुंदरता के लिए लगाए गए थे. उन्होंने बताया कि मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मुख्य आरोपी के तौर पर विज्ञापन एजेंसी के मालिक को भी हिरासत में लिया गया है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि डिवाइडर के बीच लगे पेड़ों की वजह से विज्ञापन बोर्ड दिखाई नहीं दे रहे थे. पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है. अब जांच के दौरान पेड़ों की कटाई से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है.

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