महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मातंग समाज के हजारों लोग अनुसूचित जाति (SC) के आरक्षण में अलग कोटे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC आरक्षण के भीतर अलग-अलग जातियों को उनकी स्थिति के हिसाब से हिस्सा दिया जाए. इसके लिए आरक्षण का उपवर्गीकरण जल्द लागू करने की मांग की जा रही है. दक्षिण मुंबई में CSMT से मेट्रो सिनेमा तक जाने वाला नगरपालिका मार्ग प्रदर्शन के चलते बंद हो गया. कई प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ.
आयोजकों के मुताबिक, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ से करीब 50 हजार लोग इस मोर्चे में शामिल हुए हैं. उनका दावा है कि पूरे महाराष्ट्र से लाखों लोग मुंबई पहुंचे हैं. प्रदर्शन के लिए पुलिस ने आजाद मैदान में अनुमति दी थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोग आसपास की सड़कों पर भी उतर आए. मुंबई पुलिस ने सड़क पर जुटे लोगों को हटाया और ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया. समाज के नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पर लिखित फैसला नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
क्या है मातंग समाज की मांग?
मातंग समाज चाहता है कि SC आरक्षण को अलग-अलग वर्गों में बांटा जाए, ताकि जिन जातियों को अब तक इसका कम लाभ मिला है, उन्हें भी आरक्षण में उचित हिस्सा मिल सके. प्रदर्शनकारी अनुसूचित जातियों को A, B, C और D जैसे वर्गों में बांटने या वंचित और लाभार्थी वर्ग बनाने की मांग कर रहे हैं. उनका मानना है कि इससे आरक्षण का लाभ उन समुदायों तक भी पहुंच सकेगा, जो अब तक इससे अपेक्षाकृत कम लाभ उठा पाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई मांग
मातंग समाज की यह मांग 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई. अदालत ने अपने फैसले में राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर उपवर्गीकरण करने का अधिकार दिया था, ताकि आरक्षण का लाभ अधिक जरूरतमंद जातियों तक पहुंचाया जा सके. मातंग समाज इसी फैसले को लागू करने की मांग कर रहा है.
प्रदर्शनकारी सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग कर रहे हैं. समाज के नेताओं का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा. जब तक उनकी मांग पर लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. फिलहाल सरकार के साथ बातचीत का दौर चल रहा है
दिव्येश सिंह