'बहरे होने का नाटक न करें CM फडणवीस', संजय राउत की चेतावनी, बोले- नहीं मानी मांगें तो सड़कों पर उतरेगा पूरा महाराष्ट्र

पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मिले शिवसेना (UBT) नेता, MPSC चेयरमैन को हटाने की मांग; बोले- सरकार ने मांगें मान ली हैं तो छात्र अब भी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

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पुणे में MPSC की तैयारी कर रहे छात्रों का प्रदर्शन.(Photo:PTI) पुणे में MPSC की तैयारी कर रहे छात्रों का प्रदर्शन.(Photo:PTI)

aajtak.in

  • पुणे,
  • 04 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:49 PM IST

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के उम्मीदवारों के आंदोलन को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने सूबे की सरकार पर निशाना साधा. पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद राउत ने MPSC के चेयरमैन को हटाने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उम्मीदवारों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैल सकता है.

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राउत ने कहा कि पुणे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है. राउत ने प्रदर्शन स्थल को महाराष्ट्र का ‘जंतर-मंतर’ बताते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहना चाहिए.

MPSC उम्मीदवारों की क्या हैं मांगें?

MPSC उम्मीदवार पुणे में NCP (SP) विधायक रोहित पवार के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. उम्मीदवारों की प्रमुख मांगों में आयोग के चेयरमैन को हटाना और परीक्षा प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुधार करना शामिल है.

संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से हजारों छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी मांगों के लिए गिरफ्तार होने तक का सामना करने को तैयार हैं. उन्होंने सरकार पर प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बजाय आंदोलन में फूट डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया. राउत ने कहा कि सरकार को छात्रों और रोहित पवार से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों को समझना चाहिए.

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'अगर मांगें मान ली हैं तो छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे?'

संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि सरकार ने छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार ने वास्तव में सभी मांगें मान ली हैं तो MPSC उम्मीदवार अब भी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

राउत ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन में एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों को अहम पदों पर नियुक्त करने की कोशिश की जा रही है. राउत ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि मौजूदा अहम पदों पर बैठे और उनकी मांगों का विरोध करने वाले लोग आखिरकार वहां नहीं रहेंगे.

'आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैला तो...'

राउत ने कहा कि अगर MPSC उम्मीदवारों का आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैलता है तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी आवास 'वर्षा' से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है.

उन्होंने युवाओं की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं में हालात बदलने और बदलाव लाने की ताकत है. राउत ने सवाल किया कि अगर सरकार युवाओं की बात नहीं सुनेगी तो वह किसकी बात सुनेगी.

मुंबई के प्रदर्शन का भी किया जिक्र

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संजय राउत ने रविवार सुबह मुंबई में हुए प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की अगुवाई में हुए मार्च में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे.

राउत ने दावा किया कि BJP ने इन प्रदर्शनों को मामूली बताकर खारिज किया. उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक सरकार इन प्रदर्शनों से डरी हुई थी.

आदित्य ठाकरे नहीं पहुंच सके

राउत ने बताया कि शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का भी प्रदर्शन कर रहे MPSC उम्मीदवारों से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह नहीं आ सके. राउत ने कहा कि ठाकरे छात्रों को अपना समर्थन देने के लिए जरूर आएंगे.

इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी नवी पेठ इलाके में समानांतर प्रदर्शन कर रहे MPSC उम्मीदवारों के एक अन्य समूह से मुलाकात की.

MPSC उम्मीदवारों का आंदोलन परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और आयोग के कामकाज से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर जारी है. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों के बीच बातचीत से इस विवाद का क्या समाधान निकलता है.

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