चप्पल हाथ में लेकर रेस जीतने वाली महिला की मदद करेगी महाराष्ट्र सरकार, उठाएगी बेटियों की पढ़ाई का खर्च

महाराष्ट्र की रमाबाई रणवीर नंगे पैर मैराथन जीतकर चर्चा में आ गई हैं. अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए दौड़ लगाने के बाद उनकी खूब वाहवाही हो रही है. इस बीच अब सरकार उनकी मदद के लिए आगे आई है. महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि वो रमाबाई की बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी.

Advertisement
महिली ने नंगे पांव दौड़कर मैराथन जीता था. (Photo- ITGD) महिली ने नंगे पांव दौड़कर मैराथन जीता था. (Photo- ITGD)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:37 PM IST

महाराष्ट्र सरकार रमाबाई रणवीर की मदद के लिए आगे आई है. अटूट हौसले के साथ नंगे पैर मैराथन में दौड़कर रमाबाई ने पहला स्थान हासिल किया था. ये दौड़ उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए लगाई थी. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि वो उनकी बेटियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक रूप से मदद करेगी.

रमाबाई की इस कहानी को जब आजतक ने दुनिया को दिखाया तो उनके जज्बे की खूब तारीफ हुई. इसके साथ ही अब महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने पुष्टि की है कि राज्य सरकार रमाबाई को उनकी बेटियों की पढ़ाई और परिवार के पालन-पोषण के लिए सहायता देगी.

Advertisement

बता दें कि अंबाजोगाई के बीड जिला की रहने वाली रमाबाई रणवीर एक अकादमी में रसोइया के रूप में काम करती हैं. मुंबई में एक सड़क हादसे में उनके पति का निधन हो गया था. उसके बाद दोनों बेटियों की परवरिश और पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटियों की पढ़ाई नहीं छुड़वाई.

रेस से जीते 3000 रुपये

हाल ही में अंबाजोगाई में एक मैराथन प्रतियोगिता हुई जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया. दौड़ते समय जब उनकी चप्पलें फिसलने लगीं, तो उन्होंने चप्पलों को हाथ में उठा लिया और युवा धावकों को पीछे छोड़ते हुए नंगे पैर ही दौड़ती चली गईं. रेस में उन्होंने पहला स्थान हासिल कर 3,000 रुपये का नकद ईनाम जीता, जिसका इस्तेमाल वो अपनी बेटी की पढ़ाई में करेंगी.

यह भी पढ़ें: इस योग दिवस पर लखनऊ के रमाबाई मैदान में योग करेंगे मोदी, साथ होंगे 50 हजार लोग

Advertisement

रमाबाई ने जताया आभार

अपनी कहानी सामने आने पर खुशी जाहिर करते हुए रमाबाई ने आजतक का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी दो बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाने में असमर्थ थी. अंबाजोगाई की रनिंग कॉम्पिटिशन में मेरे पहले आने और हाथ में चप्पल लेकर नंगे पैर दौड़ने की खबर को प्रमुखता से दिखाया गया. इसके लिए मैं बहुत शुक्रगुजार हूं.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »