महाराष्ट्र के कई जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया. सोमवार को ठाणे, हिंगोली और बीड समेत कई जिलों की जिला अदालतों को धमकी भरे ई-मेल मिले. इसके बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर खाली करा दिए और बम निरोधक दस्ते के साथ तलाशी अभियान चलाया. शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है. साइबर पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है.
जानकारी के मुताबिक, ठाणे जिला अदालत को ई-मेल के जरिए आईईडी बम धमाके की धमकी दी गई. ई-मेल में 27 नवंबर तक अदालत में विस्फोट करने की बात कही गई थी. इसके अलावा रात 9 बजकर 11 मिनट पर मेट्रो स्टेशनों पर भी बम धमाके की धमकी दी गई. पुलिस के मुताबिक, ठाणे में अदालत परिसर को दोपहर में खाली कराया गया था. ई-मेल में दोपहर 3:30 बजे बम विस्फोट होने की बात कही गई थी.
ठाणे नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने कोर्ट परिसर खाली कराया. जजों, वकीलों और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद डॉग स्क्वॉड और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) ने पूरे परिसर की तलाशी ली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है.
हिंगोली और बीड कोर्ट को भी मिली धमकी
हिंगोली जिला अदालत को सुबह कोर्ट खुलने के बाद बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिला. अदालत प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की जांच की. एक अधिकारी ने ई-मेल को फर्जी होने की आशंका जताई है. हिंगोली साइबर क्राइम यूनिट ने ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.
वहीं, बीड जिला अदालत को सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर धमकी भरा ई-मेल मिला. इसमें दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर बम धमाके की बात कही गई थी. इसके बाद कोर्ट परिसर खाली करा दिया गया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शेख समीर के मुताबिक, पुलिस, BDDS, स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं. परिसर में तलाशी और जांच अभियान चलाया जा रहा है.
साइबर पुलिस ई-मेल भेजने वाले की तलाश में जुटी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर टीमें जांच कर रही हैं. बीड में ई-मेल के आईपी एड्रेस की भी जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह फर्जी धमकी थी या किसी अनघोषित मॉक ड्रिल का हिस्सा. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
अभिजीत करंडे