पुणे में केतन हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. वहीं अब जांच ने अपनी चार्जशीट भी सौंप दी है. पुलिस चार्जशीट के अनुसार केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपराध की योजना बनाते समय लोनावला इलाके में खाई में गिरने से हुई मौतों और पिछले मर्डर केसों का अध्ययन किया था. पुलिस ने यह भी दावा किया है कि केतन की मौत के बाद, आरोपी सिया गोयल ने ChatGPT और अन्य ऑनलाइन सोर्स पर यह सर्च किया कि उसके परिवार के सामने दुख कैसे ज़ाहिर किया जाए और ज़्यादा परेशान कैसे दिखा जाए.
जांच के अनुसार केतन को 18 जून, 2026 को लोहगढ़ किले ले जाया गया और कथित तौर पर खाई में धकेल दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. बाद में उसका परिवार लोहगढ़ की तलहटी में पहुंचा. पुलिस ने बताया कि परिवार को तब शक हुआ जब उन्होंने देखा कि सिया को उम्मीद के मुताबिक दुख नहीं हो रहा था. चार्जशीट में कहा गया है कि घर लौटने के बाद, सिया ने कथित तौर पर ऑनलाइन सर्च किया कि दुख कैसे ज़ाहिर किया जाए और ज़्यादा भावनात्मक रूप से परेशान कैसे दिखा जाए. पुलिस ने कहा कि डिजिटल सबूतों की जांच के दौरान ये सर्च सामने आए.
‘राजा रघुवंशी मर्डर केस का अध्ययन किया’
पुलिस ने आगे दावा किया है कि मर्डर की योजना बनाते समय आरोपी ने राजा रघुवंशी मर्डर केस का अध्ययन किया, जिसमें कथित तौर पर सोनम रघुवंशी शामिल थी. उन्होंने कथित तौर पर इस केस के बारे में जानकारी सर्च की, जिसमें यह भी शामिल था कि अपराध कैसे हुआ, जांच कैसे हुई और किन सुरागों से जांचकर्ताओं को आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली. आरोपी ने कथित तौर पर लोनावला और उसके आसपास चट्टानों या खाइयों से गिरने के बाद हुई मौतों की पिछली घटनाओं के बारे में भी सर्च किया. पुलिस ने बताया कि टाइगर पॉइंट पर हुई घटनाओं और लोहगढ़ इलाके में मानसी गोविंदपुरकर नाम की युवती की मौत के बारे में भी सर्च किया गया था.
पुलिस के अनुसार इन मामलों से जुड़ी जानकारी सिया, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के बीच सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए शेयर की गई थी. पुलिस ने कहा कि इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और स्नैपचैट की चैट के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले अन्य डिजिटल सबूत ज़ब्त कर लिए गए हैं और चार्जशीट के साथ कोर्ट में जमा कर दिए गए हैं. ‘अगर पुलिस हमें पकड़ ले तो क्या करें’
शुरू में लगा था पुलिस नहीं पकड़ पाएगी
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों को शुरू में लगा था कि प्लान को अंजाम देने के बाद वे पकड़े नहीं जाएंगे. हालांकि, पुलिस का कहना है कि बाद में चेतन को डर सताने लगा कि अपराध का पता चल जाएगा और उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. चार्जशीट के मुताबिक, सिया ने शुरू में चेतन को भरोसा दिलाया, जबकि बाद में जब सिया भी घबरा गई तो चेतन ने उसे हिम्मत बंधाई.
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि रितेश की सलाह पर, उन्होंने ऑनलाइन सर्च किया कि गिरफ्तारी होने पर कैसा व्यवहार करना चाहिए, पूछताछ के दौरान क्या कहना चाहिए और बिना घबराए स्थिति को कैसे संभालना चाहिए. जांच एजेंसी का दावा है कि इस तैयारी से यह समझा जा सकता है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी अपेक्षाकृत शांत और आत्मविश्वास से भरे क्यों दिखे. खाने और मशरूम के ज़रिए ज़हर देने के बारे में सर्च... पुलिस ने यह भी दावा किया है कि सिया ने केतन को मारने के कई तरीके तलाशे थे, जिसमें खाने के ज़रिए ज़हर देने की संभावना भी शामिल थी.
जांच में मशरूम और खाने-पीने की चीज़ों के ज़रिए ज़हर देने से जुड़ी सर्च की जानकारी मिली है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये सर्च केतन को मारने की किसी अलग कोशिश या प्लान से जुड़े थे. हालांकि, इन ऑनलाइन सर्च और कथित हत्या की साज़िश के बीच सटीक संबंध का पता आखिरकार सबूतों के ज़रिए ही चलेगा और ट्रायल के दौरान अदालत ही इसे तय करेगी.
ओमकार