आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला का बयान दर्ज किया है. क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में ही करीब 8 से 10 घंटे तक प्रोफेसर से पूछताछ की.
जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डुला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया. उन्होंने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से कहा कि उन्होंने संस्थान की तय गाइडलाइन के मुताबिक ही कार्रवाई की थी. प्रोफेसर ने यह भी कहा कि उन्होंने साहिल से बातचीत के दौरान किसी तरह के जातिसूचक शब्द नहीं कहे और न ही ऐसा कोई शब्द इस्तेमाल किया, जिससे उसे अपमानित महसूस हो.
क्राइम ब्रांच अब प्रोफेसर के बयान को मामले से जुड़े दूसरे बयानों और उपलब्ध सबूतों से मिलाकर देख रही है. माना जा रहा है कि प्रोफेसर का बयान दर्ज होने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पुलिस एग्जाम के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में मिला था शव
बता दें कि 22 वर्षीय साहिल वाकोड़े आईआईटी बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था. 18 सितंबर की शाम वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिला था. शुरुआती जांच के मुताबिक, वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा देकर सीधे अपने हॉस्टल के कमरे में गया था.
परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल फोन के जरिए ChatGPT का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. उसे परीक्षा के दौरान इस मामले में पकड़ा गया था. इसके कुछ ही घंटे बाद उसने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया.
घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था. वहीं मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं.
'घबराया हुआ था साहिल'
जांच के दौरान पुलिस ने साहिल के दोस्तों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं. साहिल से आखिरी बार फोन पर बात करने वाली उसकी एक दोस्त ने पुलिस को बताया था कि बातचीत के दौरान उसकी आवाज से वह काफी घबराया हुआ लग रहा था.
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एग्जाम के दौरान हुई घटना, उसके बाद की परिस्थितियों और अन्य घटनाओं का साहिल पर कितना असर पड़ा था. पुलिस गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.
दीपेश त्रिपाठी