मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस साल मनसे प्रमुख राज ठाकरे के घर होने वाले पारंपरिक गणपति दर्शन से दूरी बनाई. सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राज ठाकरे की तीखी आलोचना के बाद इस बार उनके घर जाने से परहेज किया.
हाल ही में राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर को एक साथ लगाए जाने के बाद उसमें से पीएम मोदी की तस्वीर हटा दी थी. इसके बाद राज ठाकरे ने भी अपनी पार्टी की बैठक में इस घटना को लेकर आलोचना की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना रुख दोहराया था. इसके अलावा, राज ठाकरे ने हिंदी दिवस पर अमित शाह की ओर से महाराष्ट्र की बहुभाषी पहचान को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी व्यंग्यात्मक निशाना साधा था.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर 'चुनिंदा बातें सुनने' का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिर्फ महाराष्ट्र की बहुभाषी संस्कृति के बारे में बात की थी, जिससे मूल पहचान में कोई बदलाव जरूरी नहीं होता. फडणवीस की यह टिप्पणी राज ठाकरे की शाह की उस टिप्पणी पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र की संस्कृति देश में सबसे ज्यादा बहुभाषी है. यहां मराठी, कोंकणी, गुजराती, सिंधी, हिंदी, कन्नड़ और वारली समेत कई भाषाएं बोली और विकसित हुई हैं.
सोशल मीडिया पर साधा था निशाना
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने शाह का सीधे नाम लिए बिना सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था, 'कौए के श्राप से गाय नहीं मरती.' पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि राज ठाकरे को शाह के पूरे भाषण को सुनने के बाद ही उसकी आलोचना करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा, 'चुनिंदा बातें सुनना, चुनिंदा बातें बोलना और केवल चुनिंदा बातों पर प्रतिक्रिया देना गलत है.ट फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अमित शाह ने मराठी भाषा की प्रमुखता और उसके ऐतिहासिक गौरव के बारे में बात की थी. उन्होंने मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की वकालत की थी और केवल महाराष्ट्र के समावेशी चरित्र की ओर इशारा किया था.
फडणवीस ने कहा कि बहुभाषी होने से क्षेत्रीय गौरव से कोई समझौता नहीं होता और कई भाषाएं बोलने से किसी की मूल पहचान नहीं बदलती. उन्होंने कहा, 'बहुभाषी होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी मातृभाषा अलग है. मैं बहुभाषी हूं, लेकिन मेरी मातृभाषा मराठी है.' उन्होंने कहा, "मैं मराठी हूं और मराठी ही रहूंगा. मेरी मराठी पहचान कोई नहीं छीन सकता.' फडणवीस ने आरोप लगाया कि अमित शाह की मराठी की तारीफ वाली टिप्पणियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, क्योंकि उन्हें स्वीकार करने पर आलोचकों के पास शाह पर हमला करने के लिए ज्यादा आधार नहीं बचता.
ऋत्विक भालेकर