महाराष्ट्र में सूखे का संकट... शनिवार से पहले जारी होगी अधिसूचना, CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे को लेकर पहली अधिसूचना शनिवार से पहले जारी होगी. मक्का, कपास और कोकण में धान की फसल को नुकसान हुआ है. बुधवार से पंचनामे शुरू होंगे. पानी और चारे की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है.

Advertisement
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के कई हिस्सों में फसल नुकसान के बीच सूखे की स्थिति पर समीक्षा बैठक की (Photo: PTI) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के कई हिस्सों में फसल नुकसान के बीच सूखे की स्थिति पर समीक्षा बैठक की (Photo: PTI)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई, महाराष्ट्र,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे को लेकर पहली अधिसूचना शनिवार से पहले जारी कर दी जाएगी. इस अधिसूचना में यह जानकारी होगी कि किन इलाकों में सूखे जैसी हालत है और वहां सरकार कौन कौन से कदम उठाएगी. समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में फसलें बुरी तरह खराब हो चुकी हैं.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने बताया कि जो इलाके पहले चरण में छूट जाएंगे उन्हें दूसरे चरण में शामिल कर लिया जाएगा. फसलों का पंचनामा यानी नुकसान का हिसाब बुधवार से शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं. राज्य सरकार अपने स्तर पर मदद देने के साथ साथ केंद्र सरकार से भी सहायता मांगने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगी. उन्होंने बताया कि राज्य के अधिकतर हिस्सों में फसलों पर असर पड़ा है. सबसे ज्यादा नुकसान मक्का और कपास की खेती को हुआ है, जबकि कोकण इलाके में धान की फसल भी प्रभावित हुई है.

पीने के पानी और जानवरों के चारे की व्यवस्था पर भी सरकार ने खास ध्यान देने की बात कही है. महानगरपालिका, नगरपालिका और पंचायत संस्थाओं को पानी की व्यवस्था पहले से तय करने के निर्देश दिए गए हैं. जमीनी हालात पर तुरंत फैसला लेने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की अगुवाई में एक समिति बनाई गई है, जिसमें गिरीश महाजन और बाबासाहेब पाटील जैसे मंत्री भी शामिल होंगे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ऑस्कर 2027 में मराठी फिल्म 'गोंधल', CM देवेंद्र फडणवीस बोले- सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल इस समिति के सचिव होंगे. यह समिति जमीनी हालात देखकर सरकार को सुझाव देगी और लोगों की शिकायतें भी सुनेगी. इसके बाद मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री समिति की रिपोर्ट के आधार पर बड़े फैसले लेंगे. इस समिति को कैबिनेट जैसे अधिकार भी दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और विधायकों के साथ किसानों के बांध तक जाकर हालात देखेंगे, ताकि किसान अपनी परेशानी सीधे बता सकें.

केंद्र से मदद मांगी जाएगी, लेकिन राज्य सरकार केंद्र के जवाब का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर राहत का काम जारी रखेगी. इसके अलावा फडणवीस ने MPSC परीक्षा में ऑब्जेक्टिव पैटर्न की मांग पर कहा कि वी. राधा समिति छात्रों से बात कर रही है और पहले दळवी समिति ने भी यही सुझाव दिया था. अगर समिति सिफारिश करती है तो सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी. उन्होंने MPSC में रिकॉर्ड भर्ती की बात भी कही. कर्नाटक की तरह सूखा घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए NDRF के तय नियम पूरे करने जरूरी हैं. MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को उन्होंने गलत बताते हुए कहा कि विवाद उनके पद संभालने से पहले का है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »