मुंबई में मीठी नदी की सफाई से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में एक्टर डिनो मोरिया से आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शुक्रवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें जाने दिया. पुलिस के मुताबिक, जरूरत और मामले की जांच के आधार पर मोरिया को आगे की पूछताछ के लिए फिर बुलाया जा सकता है.
अधिकारियों के मुताबिक, मोरिया को कुछ दस्तावेजों के साथ EOW यूनिट-4 कार्यालय बुलाया गया था. पूछताछ के दौरान इन दस्तावेजों की भी जांच की गई. दरअसल, मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मीठी नदी की सफाई के ठेके में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नदी से गाद हटाने के लिए विशेष उपकरण, जिनमें 'स्लज पुशर' और ड्रेजिंग मशीनें शामिल थीं, कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे गए थे.
जांच में आरोप है कि मुख्य आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन (SWD) विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर फर्जी बिल और बढ़ी हुई लागत के जरिए करीब 65 करोड़ रुपये की हेराफेरी की.
जांच के दौरान डिनो मोरिया का नाम सामने आया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन कदम के कॉल डिटेल रिकॉर्ड में मोरिया और उनके भाई के साथ कई बार बातचीत सामने आई. इसके बाद जांच एजेंसी ने मोरिया और कदम के बीच संबंधों और संभावित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल शुरू की.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोरिया और मामले के मुख्य आरोपियों के बीच किस तरह के कारोबारी या वित्तीय संबंध थे और इस कथित घोटाले में अभिनेता की कोई भूमिका थी या नहीं. इस मामले की जांच मुंबई पुलिस के अलावा केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत मामले की जांच कर रहा है.
दिव्येश सिंह