महाराष्ट्र की सियासत में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विलय को लेकर हलचल तेज हो गई है. दोनों दलों के बीच मर्जर को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि, अभी यह बातचीत महाराष्ट्र की इकाई तक ही सीमित बताई जा रही है. NCP (SP) नेतृत्व पार्टी के अंदर विलय को लेकर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, जब महाराष्ट्र स्तर पर चीजें तय हो जाएंगी, उसके बाद दिल्ली में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच अंतिम मुहर लगाई जाएगी. फिलहाल बातचीत शुरुआती स्तर पर है. दोनों दलों की तरफ से इस मुद्दे पर आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भी दोनों दलो में मर्जर को लेकर बात हुई थी.
उस समय भी दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस विषय पर चर्चा हुई थी. हालांकि, राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों के चलते आगे इस मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी. कांग्रेस और NCP (SP) दोनों महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सहयोगी रहे हैं. दोनों दल महाविकास अघाड़ी गठबंधन में हैं.
यदि दोनों के बीच विलय की बात आगे बढ़ती है तो इसका असर महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति और आने वाले चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है. फिलहाल नजर इस बात पर है कि महाराष्ट्र यूनिट में सहमति बनने के बाद दिल्ली नेतृत्व इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेता है. इसका लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर क्या असर पड़ता है.
राहुल गौतम