'नवाब मलिक पर कैसे तय किए जा सकते हैं आरोप?' बॉम्बे HC ने ED केस में किया सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवाब मलिक के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. मलिक के वकील ने दावा किया कि यदि ये दस्तावेज कोर्ट में पेश किए जाते तो आरोप तय करने का कोई आधार नहीं बनता.

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नवाब मलिक के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय किए जाने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने किया सवाल (Photo: ITG) नवाब मलिक के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय किए जाने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने किया सवाल (Photo: ITG)

विद्या

  • मुंबई,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाया है कि जब नवाब मलिक की ओर से मांगे गए दस्तावेजों की याचिका कोर्ट में लंबित थी तो उनके खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय कैसे किए गए. दरअसल, ये वह दस्तावेज हैं जिन्हें ED ने जब्त किया था, लेकिन नवाब मलिक पर मुकदमा चलाने के लिए उन पर भरोसा नहीं किया था. 

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क्या है मामला

मलिक ने पिछले साल PMLA की विशेष अदालत द्वारा उनके खिलाफ तय किए गए आरोपों को हाईकोर्ट में चुनौती दी. उनके वकील कुशल मोर का कहना है कि ED ने ऐसे दस्तावेज छिपाए जिससे मलिक के बचाव में मदद मिलती. मलिक के वकील की ओर से दावा किया गया कि अगर जब्त किए गए सभी दस्तावेजों को कोर्ट के सामने रखा जाता तो मलिक के खिलाफ आरोप तय करने का कोई आधार ही नहीं बनता. 

इन्हीं दस्तावेजों को लेकर नवाब मलिक ने हाई कोर्ट का रुख किया था. इस दौरान ED की ओर से पेश ASG ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की थी और भरोसा दिया था कि ट्रायल कोर्ट में मलिक के खिलाफ आरोप तय करने पर जोर नहीं दिया जाएगा. इसके बावजूद 18 नवंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने मलिक और दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए. मलिक की ओर से उन दस्तावेजों की मांग की गई थी, जिन पर ED ने भरोसा नहीं किया था. इसके साथ ही उन्होंने आरोप तय करने की प्रक्रिया को भी चुनौती दी थी. 

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आरोप कैसे तय किए जा सकते हैं?: बॉम्बे HC

बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान नवाब मलिक के वकील कुशल मोर ने बताया कि हाई कोर्ट में ASG के बयान के बावजूद ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय कर दिए थे. जस्टिस मिलिंद जाधव ने सवाल किया कि आरोप कैसे तय किए जा सकते हैं? यह कैसे हो सकता है?

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मोर ने बताया कि ED ने इन दस्तावेजों का इस्तेमाल मलिक की जमानत का विरोध करते समय किया था. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ये दस्तावेज उन कागजों की सूची में शामिल नहीं है जिन्हें चार्जशीट में मलिक के खिलाफ पेश किया गया है.  हाई कोर्ट ने 8 अक्टूबर को मलिक की याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है. 

मलिक पर अपराध से कमाए गए 16 करोड़ रुपये और मुंबई के कुर्ला इलाके में तीन एकड़ की एक अहम ज़मीन पर कब्ज़ा करने का आरोप है. ED के मुताबिक, मलिक ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन, हसीना पारकर की मदद से यह ज़मीन हड़पी थी. उन पर जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करने का भी आरोप है. 

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