बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में मेयर के पद को लेकर महायुति के दो धड़ों- बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच खींचतान बढ़ गई है. दोनों दलों के बीच पावर शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है.
शिवसेना के बीएमसी समूह नेता अमेय घोले ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के आवास 'वर्षा' में हुई महायुति की समन्वय बैठक के दौरान एक फॉर्मूले पर सहमति बनी थी.
अमेय घोले ने कहा, 'इस समझौते के तहत पहले ढाई साल के लिए मेयर पद बीजेपी के पास रहना था. इसके बाद अगले सवा साल के लिए ये पद शिवसेना को मिलना तय हुआ था और कार्यकाल का बाकी बचा समय फिर से बीजेपी को दिया जाना था.'
घोले ने बताया कि सभी समितियों का बंटवारा तय योजना के मुताबिक ही हुआ और लागू किया गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के भीतर भले ही कोई संवादहीनता हो, लेकिन शिवसेना अपने तय समय पर मेयर पद के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा पेश करेगी.
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बीजेपी का इनकार: अनौपचारिक चर्चाओं का कोई वजूद नहीं
दूसरी तरफ, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री आशीष शेलार ने शिवसेना के इन दावों से अपनी पार्टी को अलग कर लिया है. आशीष शेलार ने कहा कि अनौपचारिक रूप से हुई बातचीत का कोई कानूनी या आधिकारिक मोल नहीं होता. अगर शीर्ष नेताओं के बीच ऐसा कोई समझौता हुआ होता, तो उसकी औपचारिक घोषणा सार्वजनिक रूप से जरूर की जाती.
ऋत्विक भालेकर