महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिमूर तहसील की जांभुळघाट सरकारी निवासी आश्रमशाला में छात्रों के बाल काटने का मामला अब बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है. यहां अनुशासन के नाम पर 82 छात्रों के बाल आधे-अधूरे काटे जाने का मामला सामने आया था. घटना के बाद छात्रों ने शिकायत भी की, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया. अब इस मामले में आश्रमशाला के माध्यमिक मुख्याध्यापक पी. एस. गिरी को निलंबित कर दिया गया है.
आदिवासी विकास विभाग, नागपुर की अपर आयुक्त आयुषी सिंह ने मुख्याध्यापक के निलंबन का आदेश जारी किया है. मामला 3 अक्टूबर 2026 को सामने आया था. जांभुळघाट स्थित शासकीय माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक आश्रमशाला में छात्रों के बाल काटे गए थे. आरोप है कि पुरुष अधीक्षक पी. के. आत्राम ने छात्रों की इच्छा के विरुद्ध उनके बाल छोटे करने के उद्देश्य से कटिंग शुरू की. इस दौरान कुल 82 विद्यार्थियों के बाल आधे-अधूरे काटकर उन्हें छोड़ दिया गया.
घटना के बाद छात्रों के आधे सिर के बाल कटे हुए फोटो सामने आए और मामला चर्चा में आ गया. तस्वीरें वायरल होने के बाद आश्रमशाला प्रशासन में हड़कंप मच गया. इसके बाद रात देर तक विद्यार्थियों के बालों की कटिंग पूरी किए जाने की बात सामने आई. इस घटना से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में नाराजगी थी. अभिभावकों ने भी छात्रों के साथ हुए इस व्यवहार का विरोध किया और मामले में कार्रवाई की मांग की थी. घटना को लेकर मीडिया में भी खबरें सामने आईं. इसके बाद अब विभाग ने मुख्याध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की है.
चार छात्रों ने मुख्याध्यापक से की थी शिकायत
बाल काटे जाने की घटना के बाद मामला सिर्फ छात्रों के बाल काटने तक सीमित नहीं रहा. चार विद्यार्थियों ने आश्रमशाला के मुख्याध्यापक पी. एस. गिरी से इस घटना को लेकर शिकायत की थी. विभागीय जांच में सामने आया कि मुख्याध्यापक ने विद्यार्थियों की शिकायत को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया. इसी लापरवाही को उनके खिलाफ कार्रवाई की अहम वजह माना गया. पूरे मामले की जांच के बाद चिमूर के प्रकल्प अधिकारी ने मुख्याध्यापक पी. एस. गिरी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की. जांच रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने के कारण विभाग की छवि प्रभावित हुई.
जांच के दौरान आश्रमशाला के प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर भी सवाल सामने आए. आश्रमशाला में विद्यार्थियों को मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होने के बावजूद छात्र मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे. जांच में यह बात भी सामने आई कि विद्यार्थियों के मोबाइल इस्तेमाल करने की जानकारी शालेय प्रशासन के संज्ञान में नहीं थी. इससे आश्रमशाला में प्रशासन और विद्यार्थियों पर नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठे. विभागीय जांच में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया. इसके बाद मुख्याध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथमदृष्टया मुख्याध्यापक पी. एस. गिरी पर महाराष्ट्र नागरी सेवा आचरण नियम, 1979 के नियम 3 और 28 के उल्लंघन का मामला सामने आया. इसके बाद महाराष्ट्र नागरी सेवा शिस्त व अपील नियम, 1979 के नियम 4(1) के तहत उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया गया. इस तरह 82 छात्रों के बाल आधे-अधूरे काटे जाने की घटना में आश्रमशाला के मुख्याध्यापक पर प्रशासनिक कार्रवाई हो गई है. खास बात यह है कि छात्रों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने को निलंबन की कार्रवाई की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है.
बाल काटने वाले जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई का सवाल
जांभुळघाट आश्रमशाला का यह मामला छात्रों के बाल काटे जाने से शुरू हुआ और अब मुख्याध्यापक के निलंबन तक पहुंच गया है. विभागीय जांच में शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आने के बाद मुख्याध्यापक पर कार्रवाई की गई है. अब इस मामले में बाल काटने वाले जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा. फिलहाल विभाग की कार्रवाई के बाद आश्रमशाला में छात्रों की शिकायतों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं.बाइट: अमित शर्मा नहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस खबर में संबंधित अधिकारी की बाइट उपलब्ध नहीं है.
विकास राजूरकर