रांची में JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के आंदोलनकारी छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार में शामिल कांग्रेस और RJD नेताओं के पुतले फूंके. छात्रों का आरोप है कि वे लंबे समय से गांधीवादी तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं मानी.
मंच के नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो अब वे भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के रास्ते पर चलकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने सरकार को 18 अगस्त तक का समय दिया है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर तब तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा.
मंच के नेता रवींद्र पासवान ने आरोप लगाया कि अगर राहुल गांधी सरकार पर दबाव नहीं बना सकते हैं तो उन्हें समर्थन वापस लेना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव के पुतले भी जलाए.
अधिकारियों ने की मुलाकात
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी रहा. इस दौरान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट रजत कुमार आंदोलनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे. छात्रों के अनुसार, यह एक अनौपचारिक मुलाकात थी, जिसमें अधिकारियों ने उनका हालचाल जाना और उनसे बातचीत की. छात्र नेता ने कहा कि इस दौरान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक संदेश या प्रस्ताव नहीं दिया गया. इसलिए उनका पहले से तय आंदोलन का कार्यक्रम जारी रहेगा.
कुनिका सदानंद ने भी मुलाकात
वहीं, अभिनेत्री कुनिका सदानंद भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं और आंदोलनकारी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से मुंबई से इस आंदोलन को देख रही हैं और छात्रों व नौकरी तथा शिक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों की मांगों को जायज मानती हैं. कुनिका सदानंद ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, क्योंकि वह देश की राजधानी है. वहीं, रांची और झारखंड में बाहर से कम लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आंदोलन को काफी समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अभी नई है.
सत्यजीत कुमार