JPSC और JSSC की परीक्षाओं में धांधली को लेकर आज रांची में हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव कर दिया है. इस मार्च में पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हुए.
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे थे. उनकी तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी, फिर भी छात्रों के जोश और जुनून को देखते हुए वो खुद को रोक नहीं पाए.
अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति होने के बावजूद वो स्ट्रेचर पर बैठकर ही सही, लेकिन विधानसभा घेराव मार्च में शामिल होने पहुंच गए. शिबू सोरेन की तस्वीर हाथ में लेकर पहुंचे महतो को इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंधे पर बिठा लिया और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया.
'मैं कोई भगवान नहीं हूं, मसीहा नहीं हूं'
मार्च के दौरान देवेंद्र महतो ने मीडिया के सामने अपनी मांग रखी. उन्होंने कहा, 'सरकार ने अराजकता को न्योता दिया है. मैं अस्पताल में होने की स्थिति में था और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हूं, इसके बावजूद मैं खुद को नहीं रोक सका. मैं कोई भगवान नहीं हूं, मसीहा नहीं हूं. मैं एक साधारण लड़का हूं. मैं माड़ भात खाता हूं, सूखी रोटी खाता हूं और इस प्रोटेस्ट के बाद भी वही कहूंगा. मेरी निजी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं होने वाला है.'
बैरिकेडिंग और कंटीले तारों पर देवेंद्र महतो का फूटा गुस्सा
प्रशासन के छात्रों को रोकने के लिए की गई भारी बैरिकेडिंग और कंटीले तारों पर देवेंद्र महतो ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, 'भूख हड़ताल से भी ज्यादा दर्द मुझे उन कंटीले तारों की जाली से हुआ, जो हमें रोकने के लिए लगाई गई है.'
देवेंद्र ने बताया कि छात्रों के उत्साह के आगे प्रशासन की तीन लेयर की बैरिकेडिंग और कंटीले तार टिक नहीं पाए और टूट गए. छात्र उनसे निकल जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर सहमति जताने के बजाय अराजकता क्यों चाहती है.
शांतिपूर्ण मार्च बनाए रखने की अपील
मार्च में शामिल छात्रों को संबोधित करते हुए देवेंद्र महतो ने संयम बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा, 'मैं छात्रों को धन्यवाद देता हूं, चाहे वो झारखंड के हो या कहीं के भी. मेरा अनुरोध है कि वो संयम बनाकर रखें. आज हेमंत सोरेन का जन्मदिन है और मैं नहीं चाहता कि सीएम के जन्मदिन के मौके पर छात्र कोई अराजकता करे.'
देवेंद्र ने दिल्ली के जंतर-मंतर की हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि वो नहीं चाहते कि यहां कोई अनहोनी हो. उन्होंने अपील की, 'ये शांतिपूर्ण मार्च है और इसे शांतिपूर्ण ही रहने दिया जाए. छात्रों को ऐसा गिफ्ट न दिया जाए कि उनके बदन से खून निकले, सिर पर चोट आए और आक्रोश हो.'
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CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
बता दें कि हजारों की संख्या में रांची पहुंचे ये प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच, परीक्षाओं को रद्द करने, और नियुक्तियों को निरस्त कर दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग कर रहे हैं. रविवार को सरकार के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव किया है.
सत्यजीत कुमार