झारखंड के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने बुधवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान राज्य के हालात को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. राज्य में बीजेपी के चार पूर्व मुख्यमंत्री हैं, अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, चंपई सोरेन और बाबूलाल मरांडी. यह चारों शाह से मिलने वाले नेताओं में शामिल थे. इनके अलावा राज्य बीजेपी के वर्तमान अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष आदि भी शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री ने राज्य से जुड़े सभी मुद्दों पर खुल कर बात की और उनका मार्गदर्शन किया.
राज्य बीजेपी नेताओं ने उन्हें बताया कि सीएम हेमंत सोरेन हाल ही में संसद द्वारा पारित माइन्स एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन संशोधन विधेयक को बड़ा मुद्दा बना रहे हैं. सोरेन के मुताबिक़ इससे राज्य सरकार के अधिकार प्रभावित होंगे और आर्थिक नुकसान होगा. उनका विरोध विशेष रूप से कानून के सेक्शन 9डी को लेकर है.
इसके तहत राज्य सरकारों को खनन भूमि पर नए कर लगाने का अधिकार नहीं होगा जब तक कि वे केंद्र सरकार की शर्तों का पालन नहीं करतीं. हेमंत सोरेन इसे संघीय ढाँचे के खिलाफ बता रहे हैं. काँग्रेस शासित राज्य इस क़ानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना भी बना रहे हैं.
बीजेपी नेताओं के मुताबिक़ नया क़ानून राज्यों के हित में है और इससे नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही लिथियम और कोबाल्ट जैसी क्रिटिकल मिनरल्स के खनन के नए अवसर पैदा होंगे. निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और राजस्व का केंद्र और राज्य में आनुपातिक रूप से बँटवारा होगा. कल की बैठक में तय किया गया कि विपक्ष की आशंकाओं और आरोपों का मुकाबला करने के लिए जल्दी ही केंद्र सरकार सारे तथ्य देश के सामने रखेगी. इसके लिए वरिष्ठ मंत्री पीयूष गोयल की प्रेस कांफ्रेंस भी आयोजित की जा सकती है.
परिसीमन के मुद्दे पर भी सोरेन सरकार ने केंद्र को खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. राज्य में विधानसभा सीटों का परिसीमन होना है. साथ ही परिसीमन विधेयक पारित होने की सूरत में सीटों की संख्या भी बढ़नी है. जेएमएम का आरोप है कि आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या को कम करने की साज़िश की जा रही है.
वहीं बीजेपी का कहना है कि यह जवाब दिया जाए कि आदिवासियों की संख्या में लगातार कमी क्यों आ रही है? क्या इसके लिए धर्मांतरण और बांग्लादेशियों की घुसपैठ ज़िम्मेदार नहीं है. बीजेपी ने तय किया है कि इस मुद्दे पर राज्य भर में अभियान चला कर सोरेन सरकार को एक्सपोज किया जाएगा.
बीजेपी सूत्रों ने इन अटकलों को ख़ारिज कर दिया कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर जेएमएम का साथ लेने की कोशिशें हो रही हैं. उनके मुताबिक़ इसका संभावना अभी कम है. वे बीजेपी और जेएमएम के गठबंधन की अटकलों को भी खारिज करते हैं.
दरअसल, बिहार में बीजेपी की बंपर जीत के बाद अटकलें शुरू हुईं थीं कि जेएमएम काँग्रेस और आरजेडी से रिश्ता तोड़ कर बीजेपी के साथ आ सकती है. लेकिन बीजेपी नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि तमाम तरह से दरकिनार किए जाने के बावजूद काँग्रेस सोरेन सरकार से हटने को तैयार नहीं है.
हिमांशु मिश्रा