जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी सरकार की टीम बदलने की तैयारी में हैं. 16 अक्टूबर को सरकार के दो साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. कैबिनेट में तीन मंत्री पद खाली हैं. अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी कर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते इस पर फैसला हो सकता है.
उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर में पत्रकारों से कहा था कि विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद वह पार्टी अध्यक्ष और अपने पिता फारूक अब्दुल्ला से मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर चर्चा करेंगे. गुरुवार को दिल्ली में GST काउंसिल की बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री के शनिवार को श्रीनगर लौटने की संभावना है.
फिलहाल जम्मू-कश्मीर के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत छह सदस्य हैं. विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं. नियमों के मुताबिक, यहां विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 10% यानी अधिकतम 9 विधायक ही मंत्री बन सकते हैं. ऐसे में तीन पद खाली हैं.
मुख्यमंत्री के सामने विकल्प है कि वे इन पदों पर नए मंत्रियों को जगह दें या पूरी कैबिनेट में बदलाव करें. हालांकि, अभी तक उन्होंने अपने फैसले को लेकर कोई साफ संकेत नहीं दिया है.
कांग्रेस के सरकार में आने पर भी नजर
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस ने 2024 का विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था. लेकिन कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं हुई और बाहर से समर्थन देने का फैसला किया. कांग्रेस का कहना है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस नहीं मिलता, वह सरकार में शामिल नहीं होगी.
सूत्रों के मुताबिक, NC कांग्रेस को एक मंत्री पद देने के पक्ष में है, जबकि कांग्रेस के लिए यह पर्याप्त नहीं है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर कांग्रेस राज्य का दर्जा बहाल होने तक सरकार से बाहर रहने की बात करती रही है.
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BJP के आरोपों पर जवाब
बीजेपी का आरोप है कि उमर अब्दुल्ला अपनी पार्टी में संभावित टूट के डर से कैबिनेट में बदलाव टाल रहे हैं. वहीं, NC ने इन दावों को खारिज किया है और भरोसा जताया है कि उसकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी.
अब उमर अब्दुल्ला के सामने चुनौती सिर्फ खाली पद भरने की नहीं, बल्कि पार्टी में एकजुटता बनाए रखने, क्षेत्रीय संतुलन साधने और सहयोगियों के साथ रिश्ते संभालने की भी है. अगले हफ्ते होने वाला संभावित फेरबदल बताएगा कि मुख्यमंत्री अपनी टीम में कितना बदलाव करने को तैयार हैं.
सुनील जी भट्ट