जम्मू-कश्मीर में कई महीनों की देरी और राजनीतिक उठापटक के बाद आज उमर अब्दुल्ला मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर इसी सप्ताह नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए तारीख तय करने का अनुरोध किया था. अब आज मंत्रिमंडल में बदलाव होने वाला है.
खास बात यह है कि कांग्रेस के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने के बाद भी उमर अब्दुल्ला सरकार मंत्रिमंडल के सभी नौ पदों को भरने जा रही है. इस फेरबदल के तहत नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर, अल्ताफ अहमद कालू, शमीमा फिरदौस और मीर सैफुल्ला के श्रीनगर राजभवन में नए मंत्रियों के रूप में शपथ लेने की उम्मीद है.
वहीं, छंब से विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया है. उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरंक्षक फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी.
चार मंत्रियों का शपथग्रहण आज
मुख्यमंत्री सहित जम्मू-कश्मीर कैबिनेट की वर्तमान संख्या 6 है. तीन मंत्रालयों के पद खाली हैं. ऐसे में एक मौजूदा मंत्री को हटाते हुए तीन खाली पदों को भरा जाएगा. इस तरह आज चार नए मंत्री शपथ लेने वाले हैं.
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अली मोहम्मद सागर की बात करें तो वे पूर्व मंत्री हैं और श्रीनगर जिले के खानयार विधानसभा क्षेत्र से 7 बार विधायक चुने गए हैं. उन्होंने 1996 के बाद से सभी विधानसभा चुनाव जीते हैं. वहीं, शमीमा फिरदौस श्रीनगर जिले के हब्बा कदल विधानसभा क्षेत्र से 3 बार की विधायक हैं. वह नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं.
सैफुल्ला मीर की अगर बात करें तो वे 4 बार के विधायक हैं. वह कुपवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार जीते हैं और वर्तमान में त्रेहगाम से विधायक हैं. वह पहले भी मंत्री रह चुके हैं. वहीं, अल्ताफ अहमद वानी 'कालू' दक्षिण कश्मीर के पहलगाम विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार के विधायक हैं.
कांग्रेस नहीं होगी मंत्रिमंडल में शामिल
अली मोहम्मद सागर और शमीमा फिरदौस मध्य कश्मीर के श्रीनगर जिले से आते हैं. सैफुल्ला मीर उत्तरी कश्मीर से हैं, जबकि अल्ताफ अहमद वानी 'कालू' दक्षिणी कश्मीर से हैं. कैबिनेट में फेरबदल के बाद उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी मंत्रिमंडल में एकमात्र हिंदू चेहरा होंगे.
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सहयोगी कांग्रेस पहले ही साफ कर चुकी है कि वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी. कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं हो जाता, तब तक वे सरकार में शामिल नहीं होंगे.
सुनील जी भट्ट