जम्मू-कश्मीर में एक महिला JKAS अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने संबंधित IAS अधिकारी के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है. श्रीनगर में इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी का आचरण उस पेशेवर स्तर के अनुरूप नहीं है, जिसकी एक प्रशासनिक अधिकारी से उम्मीद की जाती है. उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाने और जम्मू-कश्मीर से हटाने की मांग की. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी लोगों की शिकायतें सुनना और उनकी समस्याओं को दूर करना है. अगर कोई व्यक्ति अपनी परेशानी लेकर किसी अधिकारी के पास जाता है, तो उसके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी ने महिला अधिकारी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, वह पूरी तरह गलत था.
फारूक अब्दुल्ला ने कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारी का काम लोगों की बात सुनना है, लेकिन इसके बजाय उसने कथित तौर पर 'गेट आउट, गेट आउट' कहकर बाहर जाने को कहा. उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी का इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी को फटकार लगनी चाहिए, क्योंकि उसका आचरण प्रशासनिक सेवा के पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं है. फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि ऐसे अधिकारी को जम्मू-कश्मीर में सेवा नहीं देनी चाहिए और उसे राज्य से हटा दिया जाना चाहिए.
'अधिकारियों का काम जनता की मुश्किलें कम करना है'.
'गेट आउट, गेट आउट' कहकर बाहर जाने को कहा
नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि चाहे कोई सरकारी अधिकारी हो या मंत्री, सभी का काम जनता की सेवा करना है. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लोगों की मुश्किलें कम करने के लिए काम करना चाहिए, न कि उनके साथ दुर्व्यवहार करना चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए मामले पर निराशा जताते हुए कहा कि जब उन्होंने घटना से जुड़ा वीडियो देखा, तो उन्हें बहुत दुख हुआ. उन्होंने इस व्यवहार को शर्मनाक बताया.
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उनके जिम्मेदारी संभालने के दौरान इस तरह की घटना हुई होती, तो संबंधित अधिकारी जम्मू-कश्मीर में कुछ मिनट भी नहीं टिक पाता. उनका यह बयान प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को लेकर उनकी नाराजगी को दिखाता है. हालांकि, महिला JKAS अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी के मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है. इसलिए घटना से जुड़े आरोपों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन पर भी बोले फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रदर्शन को अच्छा बताते हुए कहा कि यह तानाशाही और हिटलर जैसी कार्यशैली के खिलाफ एक नई लहर की शुरुआत है. उनकी टिप्पणी में दो मुद्दे प्रमुख रहे. पहला, प्रशासनिक अधिकारियों से जनता और सहकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा. दूसरा, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के जरिए तानाशाही के खिलाफ उठ रही आवाजों पर उनकी प्रतिक्रिया. महिला JKAS अधिकारी से कथित बदसलूकी के मामले में फारूक अब्दुल्ला ने संबंधित IAS अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अब इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है.
aajtak.in