जम्मू में सेना के एक मेजर की पत्नी के खिलाफ जासूसी के आरोप में केस दर्ज किया गया है. आरोप है कि महिला ने ChatGPT और Claude जैसे AI टूल की मदद से देश की सुरक्षा और रक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर रिसर्च पेपर तैयार किए. जांच एजेंसियों को शक है कि ये दस्तावेज चीन की खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के लिए तैयार किए जा रहे थे. हालांकि, महिला को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, उससे पूछताछ हुई है. वह जांच में सहयोग कर रही है.
जम्मू रेलवे स्टेशन पर आर्मी ऑफिसर की पत्नी को रोका गया
खुफिया एजेंसी और पुलिस की संयुक्त टीम ने 14 अक्टूबर को महिला को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर रोका था. वह पठानकोट जाने वाली ट्रेन पकड़ने की तैयारी में थी. इसके बाद उसे पास के एक सैन्य स्टेशन पर ले जाकर पूछताछ की गई. उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है. फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. महिला तेलंगाना की रहने वाली है. वह फ्रीलांस रिसर्चर के तौर पर काम करती है. उसने 2023 में संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी इंटर्नशिप की थी. उसकी शादी अक्टूबर 2023 में सेना में मेजर रैंक के अधिकारी से हुई थी.
अधिकारियों ने बताया कि महिला से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश में अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और ड्रोन की तैनाती जैसे मुद्दों पर पेपर तैयार करने को कहा गया था. उसके फोन से शुरुआती जांच में डिफेंस और सुक्योरिटी से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं.
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इनमें मानेकशॉ सेंटर में भारत-इटली रक्षा बैठक, भारतीय सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा और भारत-रूस रक्षा समझौते से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश की कलई-II जलविद्युत और कमला परियोजनाओं, सेना की कोल्ड स्टार्ट रणनीति, भारत-सेशेल्स संबंधों, असम में परियोजनाओं और भारत-चीन संबंधों से जुड़ी सामग्री भी मिली है.
विदेशी नागरिकों से संपर्क की भी जांच
पूछताछ के दौरान महिला ने कहा कि उसकी रिसर्च पूरी तरह सार्वजनिक सोर्सेज पर आधारित थी. उसने चैट जीपीटी और क्लॉड की मदद लेने की बात भी कही. अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र में इंटर्नशिप के दौरान उसकी कई विदेशी नागरिकों से बातचीत हुई थी. इनमें एक चीनी नागरिक भी शामिल था. आरोप है कि वह उससे WhatsApp के जरिए संपर्क में थी.
जांच अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि 2024 में महिला सोशल मीडिया के जरिए मलेशिया के एक नागरिक के संपर्क में थी. वह व्यक्ति एक कंसल्टेंसी चलाता था और उस पर चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का शक है.
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जम्मू के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया. इसमें सरकारी गोपनीयता कानून और भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराएं लगाई गई हैं. इनमें आपराधिक साजिश और देश की संप्रभुता से जुड़े अपराधों के प्रावधान शामिल हैं. जांच की जिम्मेदारी एक डीएसपी को सौंपी गई है.
फिलहाल एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि महिला ने कौन-सी जानकारी तैयार की और क्या उसे विदेशी संपर्कों के साथ शेयर किया गया. उसके डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है. अभी आरोपों की जांच जारी है और महिला को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
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