हिमाचल प्रदेश: HRTC कर्मचारियों का 24 घंटे का अल्टीमेटम, मांग नहीं मानी तो 9 अक्टूबर से थम जाएंगी बसें

हिमाचल प्रदेश में HRTC चालक-परिचालक यूनियन ने चंबा के सेक्शन ऑफिसर और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यूनियन ने सेक्शन ऑफिसर पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की है. कार्रवाई नहीं होने पर 8 अक्टूबर से चंबा में बसों के पहिए जाम करने और 9 अक्टूबर से पूरे हिमाचल में बस सेवा बंद करने की चेतावनी दी गई है.

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चंबा में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते एचआरटीसी के कर्मचारी. (Photo: Screengrabs) चंबा में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते एचआरटीसी के कर्मचारी. (Photo: Screengrabs)

विकास शर्मा

  • शिमला,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

हिमाचल प्रदेश रोडवेज बस परिवहन कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) चालक-परिचालकों ने सेक्शन ऑफिसर चंबा और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. चालक परिचालक यूनियन ने शिमला में धरना प्रदर्शन कर चंबा में तैनात सेक्शन ऑफिसर पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है और 24 घंटे में अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न होने पर 8 अक्टूबर से चंबा में और 9 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में बसों के पहिए जाम करने की शिमला में चेतावनी दी है.

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एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि सेक्शन ऑफिसर एचआरटीसी चंबा लगातार वित्तीय अनियमितताएं कर रहे हैं और उसका ठीकरा कंडक्टरों पर फोड़ा जा रहा है. चालक-परिचालक सेक्शन ऑफिसर की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे. प्रबंधन भी सेक्शन ऑफिसर का बचाव कर रहा है, जबकि चालक-परिचालकों को बेवजह तंग किया जा रहा है.

नहीं मांगी मांगे तो 9 अक्टूबर से पूरा हिमाचल होगा जाम
20 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. ऐसे में प्रबंधन का ये रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मान सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 8 अक्टूबर से चंबा डिपो के पहिए जाम किए जाएंगे. पहले दिन चंबा जिला में बसें बंद रहेंगी और अगर उसके बाद भी प्रबंधन नहीं जागा तो पूरे हिमाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर से बसों के पहिए जाम कर दिए जाएंगे.

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इसके अलावा चालक परिचालक यूनियन ने आरोप लगाया कि एचआरटीसी चालक-परिचालकों का 3 महीने से जीपीएफ अकाउंट में जीपीएफ जमा नहीं हो रहा है, जबकि सैलरी से जीपीएफ काटा जा रहा है. अगर प्रबंधन ने चालकों का जीपीएफ उनके खाते में जमा नहीं किया तो प्रबंधन के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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