सोमवार शाम इम्तिहान का नतीजा आया, उम्मीदें टूटीं, कमरे की कुंडी अंदर से बंद हुई, जो फिर कभी नहीं खुली. हिमाचल प्रदेश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मंडी में पढ़ाई कर रहे एक रिसर्च स्कॉलर ने अपने किराये के कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी. मंगलवार को जब घंटों तक फोन की घंटी बजती रही, कोई जवाब नहीं मिला, तब दरवाजा तोड़ा गया. सामने रस्सी के सहारे शव लटक रहा था.
डलहौजी के रहने वाले गुरप्रीत सिंह IIT मंडी से पीएचडी कर रहे थे. वे कटौला स्कूल के पास एक किराये के मकान में अकेले रहते थे. शुरुआती जांच के मुताबिक, सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे उनकी पीएचडी के कॉम्प्रिहेंसिव टेस्ट (समग्र परीक्षा) का रिजल्ट आया था. नंबर उम्मीद के मुताबिक नहीं आए थे. इसके बाद वे मानसिक रूप से परेशान थे. अगले दिन मंगलवार को वे क्लास में भी नहीं पहुंचे.
फोन बजता रहा, नहीं खुला दरवाजा
मंगलवार सुबह से ही घरवाले गुरप्रीत को लगातार कॉल मिला रहे थे. दूसरी तरफ से सिर्फ फोन की रिंग जाती रही, किसी ने कॉल नहीं उठाया. परेशान परिजनों ने मकान मालिक से संपर्क किया. जब उन्होंने कमरे के बाहर जाकर आवाज दी, तब भी सन्नाटा पसरा रहा.
माहौल भांपकर कटौला ग्राम पंचायत के प्रधान महेश्वर सिंह ने पुलिस चौकी को खबर दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आहट नहीं आई. अनहोनी के डर से पुलिस ने दरवाजे की चिटकनी तोड़ी. कमरे के भीतर का मंजर देखते ही सबके होश उड़ गए. गुरप्रीत का शव फंदे पर झूल रहा था.
कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट
घटना की जानकारी मिलते ही फॉरेंसिक टीम (RFSL) ने कमरे में पहुंचकर बारीकी से छानबीन की. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध सामान नहीं मिला है. शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
एसपी मंडी विनोद कुमार के मुताबिक, छात्र की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी. फिलहाल बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई है. पुलिस मकान मालिक, सहपाठियों और आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि रिजल्ट आने के बाद गुरप्रीत ने किसी से अपनी परेशानी साझा की थी या नहीं.
सनी धर्मवीर