दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक स्लीपर बस पर हरियाणा के करनाल जिले में पथराव किया गया. बस के ड्राइवर का आरोप है कि कुछ लोगों ने जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी को लेकर आपत्ति जताई और उसे 'आतंकवादी गाड़ी' कहकर वहां से जाने को कहा. पथराव में बस की कई खिड़कियां टूट गईं. एक बुजुर्ग यात्री घायल हो गया. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
यह घटना 17 अक्टूबर की देर रात नीलोखेड़ी के डिवाइन स्टार ढाबे के बाहर हुई. पुलिस के मुताबिक, बस में सवार एक यात्री और कार में बैठे दो युवकों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था. मामले में FIR दर्ज कर ली गई है.
ड्राइवर ने क्या बताया?
बस ड्राइवर वकार के मुताबिक, बस रात में खाना खाने के लिए ढाबे पर रुकी थी. वहां हरियाणा नंबर की एक बलेनो कार पहले से खड़ी थी. ड्राइवर का दावा है कि कुछ ही देर में एक व्यक्ति ने चिल्लाकर कहा, 'आतंकवादी गाड़ी निकाल यहां से'. उसने जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी को वहां खड़ी करने पर भी आपत्ति जताई.
वकार का कहना है कि, जब उसने इस बात पर सवाल किया तो बस का आगे का शीशा तोड़ दिया गया. गाड़ी की नंबर प्लेट को नुकसान पहुंचाया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई. ड्राइवर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें गोली मारने, बस जलाने और जान से मारने की धमकी दी. उस समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे. हालांकि घटना के समय ज्यादातर यात्री बस से बाहर थे.
पार्किंग विवाद बता रही पुलिस
बुटाना थाने के प्रभारी विपिन कुमार के मुताबिक, बस के एक यात्री और कार में सवार दो युवकों के बीच रास्ता देने या पार्किंग को लेकर बहस हुई थी. पुलिस का कहना है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों ने शराब पी रखी थी. बहस बढ़ने पर कार सवार युवकों ने पास में पड़ी ईंटों से बस की खिड़कियों पर हमला किया. इससे कांच टूट गया और एक यात्री घायल हो गया. घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और बस श्रीनगर के लिए रवाना हो गई. बाद में ढाबे के मैनेजर की शिकायत पर बुटाना थाने में FIR दर्ज की गई. पुलिस ने करनाल के रहने वाले मोहित और सावन को हिरासत में लिया है. उनकी कार भी जब्त कर ली गई है. पुलिस ने घटना को पार्किंग विवाद बताया है और कहा है कि इसमें नफरत से जुड़ा कोई पहलू सामने नहीं आया है.
उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार और पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने भी कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है. उनके मुताबिक, करनाल के एसएसपी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसी को भी कश्मीरियों को धमकाने, परेशान करने या नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. वहीं, सोशल मीडिया यूजर विक्रांत ने घटनास्थल से वीडियो बनाकर सवाल उठाया कि जब बस पर हमला हो रहा था, तब वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पुलिस को फोन क्यों नहीं किया.
कमलजीत संधू