700 KG टिश्यू पेपर, 22 फीट के बप्पा और 1 लाख भक्त... सूरत में चल रही गणेश उत्सव की अनोखी तैयारी

सूरत में इस बार गणेश उत्सव का नजारा बेहद खास होने वाला है. यहां लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव समिति महलनुमा गणेश पंडाल तैयार कर रही है. इस पंडाल में 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे करीब 700 किलो टिश्यू पेपर से तैयार किया जा रहा है. आयोजकों का दावा है कि रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं.

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सूरत में तैयार हो रहा विशाल गणेश पंडाल. (Photo: Screengrab) सूरत में तैयार हो रहा विशाल गणेश पंडाल. (Photo: Screengrab)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:39 PM IST

सूरत में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. शहर के वेसू इलाके में कुछ ऐसा बन रहा है, जिसे देखकर लोगों की नजर ठहर जा रही है. कहीं पंडाल की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, कहीं सजावट का काम चल रहा है और कहीं कारीगर दिन-रात मेहनत करके एक विशाल गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.

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यहां स्पेशल दरबार सजाया जा रहा है. इस दरबार में विराजेंगे 22 फीट ऊंचे गणपति बप्पा. बप्पा की इस प्रतिमा की एक और खासियत है. इसे करीब 700 किलो टिश्यू पेपर से तैयार किया जा रहा है. यानी आकार इतना बड़ा कि दूर से ही नजर आए और सामग्री ऐसी कि पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके.

इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव समिति ने उठाई है. समिति की आयोजक पूजा बताती हैं कि जब बप्पा उनके लिए राजा हैं, तो फिर उनका स्वागत भी राजा की तरह ही होना चाहिए.

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इसी सोच के साथ पंडाल की थीम रखी गई है- राजा का दरबार. यानी गणपति बप्पा के लिए महलनुमा पंडाल तैयार किया जा रहा है. जहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन ही नहीं होंगे, बल्कि पूरा माहौल ऐसा बनाने की कोशिश है कि उन्हें लगे जैसे वे किसी राजा के दरबार में आए हैं. इस दरबार के बीचोंबीच होंगे 22 फीट के बप्पा.

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700 किलो टिश्यू पेपर क्यों?

सवाल ये कि इतनी बड़ी प्रतिमा के लिए टिश्यू पेपर ही क्यों? समिति का कहना है कि बप्पा की प्रतिमा को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए यह तरीका चुना गया है. पूजा बताती हैं कि गणपति की प्रतिमा के साथ भक्तों की भावनाएं जुड़ी होती हैं. कई दिनों तक पूजा होती है, श्रद्धा से बप्पा को घर और पंडाल में रखा जाता है. लेकिन विसर्जन के समय प्रतिमा के खंडित होने की स्थिति सामने आती है.

समिति चाहती थी कि इस बार बप्पा की प्रतिमा ऐसी हो, जिससे पर्यावरण को भी कम नुकसान हो और श्रद्धा का भाव भी बना रहे. इसलिए करीब 700 किलो टिश्यू पेपर से 22 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार कराई जा रही है.

अब जरा उस भीड़ का अंदाजा लगाइए, जिसके लिए यह पूरा इंतजाम किया जा रहा है. आयोजकों का अनुमान है कि गणेश उत्सव के दौरान रोज करीब एक लाख श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं.

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इसी हिसाब से पंडाल की व्यवस्था की जा रही है. कोशिश है कि भीड़ कितनी भी हो, दर्शन की व्यवस्था बिगड़े नहीं और लोगों को ज्यादा परेशानी न हो. यानी एक तरफ विशाल पंडाल, दूसरी तरफ 22 फीट के बप्पा और सामने रोज हजारों-लाखों लोगों की भीड़. आयोजक चंदन सिंह बताते हैं कि पंडाल करीब 40 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में तैयार हो रहा है.

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दर्शन के साथ खाना और हेल्थ चेकअप भी

गणेश उत्सव के दिनों में यहां भोजन-प्रसाद और हेल्थ चेकअप की भी व्यवस्था रहेगी. यानी कोई श्रद्धालु बप्पा के दर्शन करने आया, तो उसे भक्ति के साथ सेवा का अनुभव भी मिलेगा. इसके अलावा हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. आयोजकों के मुताबिक, रोज करीब तीन गायक प्रस्तुति देंगे. धार्मिक गीत, भजन और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पूरे माहौल को भक्तिमय बनाने की तैयारी है.

जिनके पास अपना परिवार नहीं, उनके लिए भी बप्पा का दरबार

समिति ने वृद्धाश्रम, शेल्टर होम और अनाथ आश्रम में रहने वाले लोगों के लिए भी खास इंतजाम किया है. आयोजकों के मुताबिक, इन लोगों को समिति अपनी गाड़ियों से पंडाल तक लेकर आएगी. उन्हें विशेष दर्शन कराए जाएंगे. भोजन-प्रसाद कराया जाएगा. सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखाए जाएंगे और उनका सम्मान भी किया जाएगा.

यानी जिन लोगों के लिए त्योहारों की खुशियां कई बार अकेलेपन में सिमट जाती हैं, उन्हें भी इस उत्सव का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है. समिति ने इन लोगों के लिए हेल्थ चेकअप की भी व्यवस्था की है. अगर जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आती है, तो आयोजकों का कहना है कि उसके आगे के इलाज में भी समिति मदद करेगी.

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यहां बप्पा के दरबार में पूजा होगी, प्रसाद मिलेगा, गाने होंगे, लेकिन साथ ही किसी बुजुर्ग की सेहत की जांच भी होगी और जरूरत पड़ी तो इलाज का इंतजाम भी किया जाएगा. गणेश उत्सव शुरू होने में अभी वक्त है, लेकिन वेसू में तैयार हो रहे इस पंडाल को लेकर लोगों की दिलचस्पी अभी से दिखाई देने लगी है. स्थानीय निवासी और श्रद्धालु टीनू शाह बताते हैं कि वैसे तो गणेश जी के आने से पहले ही पूरे सूरत का माहौल बदल जाता है. लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है.

क्योंकि सूरत में पहली बार इतने बड़े स्तर पर 22 फीट के टिश्यू पेपर वाले इको-फ्रेंडली गणपति देखने को मिलेंगे. लोग रात में भी पंडाल के पास पहुंच रहे हैं. कोई ये देखने आ रहा है कि आखिर यहां बन क्या रहा है, कोई बप्पा की प्रतिमा को देखने की कोशिश कर रहा है और कोई पंडाल की तैयारियां देख रहा है. मतलब गणेश उत्सव शुरू होने से पहले ही उत्सव का माहौल बन चुका है. आयोजकों के मुताबिक, 12 तारीख को गणपति बप्पा का आगमन होगा. इसके बाद करीब 11 दिनों तक वेसू का ये विशाल पंडाल श्रद्धालुओं से गुलजार रहेगा.

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