सूरत में किसानों के हिस्से की चोरी! सम्राट वेलवेट टेक्सटाइल मिल में पाइपलाइन डालकर पहुंचाया जा रहा था पानी

गुजरात के सूरत में सम्राट वेलवेट टेक्सटाइल मिल पर किसानों की सिंचाई के लिए निर्धारित नहर का पानी पाइपलाइन से इस्तेमाल करने का आरोप लगा है. वीडियो वायरल होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे.

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सूरत में वायरल वीडियो के बाद जांच में जुटा सिंचाई विभाग.(Photo:Screengrab) सूरत में वायरल वीडियो के बाद जांच में जुटा सिंचाई विभाग.(Photo:Screengrab)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत ,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

गुजरात के सूरत में किसानों की सिंचाई के लिए निर्धारित नहर का पानी एक टेक्सटाइल मिल में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है. कड़ोदरा इलाके की सम्राट वेलवेट टेक्सटाइल मिल पर नहर में पाइपलाइन डालकर पानी अपने परिसर तक पहुंचाने का आरोप लगा है. इस कथित गड़बड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर जांच की. अधिकारियों ने पाइपलाइन को मिल से बाहर निकलवाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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नहर में पाइप डालकर मिल तक पहुंचाया जा रहा था पानी

जानकारी के मुताबिक, कड़ोदरा इलाके में सम्राट वेलवेट नाम की टेक्सटाइल मिल के पास से एक नहर गुजरती है. आरोप है कि मिल में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए नहर में पाइप डालकर पानी सीधे मिल परिसर तक पहुंचाया जा रहा था.

इस गतिविधि पर एक स्थानीय जागरूक नागरिक की नजर पड़ी. उन्होंने मौके पर पहुंचकर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी दी और जांच की मांग की.

वीडियो सामने आने के बाद विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहां नहर से पाइप के जरिए पानी निकाले जाने के मामले की जानकारी जुटाई गई. इसके बाद पाइप को मिल से बाहर निकाला गया. अधिकारियों ने मिल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया.

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वायरल वीडियो से उठे किसानों के पानी पर सवाल

वायरल वीडियो में कथित तौर पर नहर से पाइपलाइन के जरिए पानी टेक्सटाइल मिल परिसर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है. जिस नहर का पानी किसानों को खेती और सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है, उसके औद्योगिक इस्तेमाल के आरोप ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

सूरत और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कपड़ा मिलें संचालित होती हैं. कपड़ा उत्पादन की प्रक्रिया में पानी की जरूरत पड़ती है. ऐसे में यदि किसी मिल में किसानों के लिए निर्धारित नहर के पानी का अवैध इस्तेमाल किया जाता है, तो इसका असर सिंचाई व्यवस्था और किसानों के हितों पर पड़ सकता है. देखें VIDEO:- 

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कैमरे पर बयान देने से किया इनकार

मामले को लेकर आज तक की टीम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर आधिकारिक पक्ष जानने की कोशिश की. टीम ने अधिकारी संजय गरासिया से फोन पर बातचीत की, लेकिन उन्होंने कैमरे के सामने बयान देने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि इस मामले में फील्ड ऑफिसर ही जानकारी दे पाएंगे.

इसके बाद टीम ने संबंधित फील्ड ऑफिसर प्रेरणा राजपूत से भी संपर्क किया. हालांकि, उनसे भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका. ऐसे में विभाग की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है.

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जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल विभाग की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. अब यह देखना होगा कि जांच में सम्राट वेलवेट टेक्सटाइल मिल पर लगे आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.

इसके साथ ही कड़ोदरा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में नहर के पानी के इस्तेमाल की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. मामला केवल एक मिल तक सीमित है या दूसरे स्थानों पर भी इस तरह पानी का इस्तेमाल हो रहा है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

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