Gujarat: हाईटेक ठगी का खतरनाक खेल, एआई से बनाया नकली चेहरा और कर दिया फ्रॉड

अहमदाबाद में एआई और डीपफेक के जरिए आधार फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है. आरोपियों ने मोबाइल नंबर बदलकर ओटीपी हासिल किया और डिजिलॉकर से दस्तावेज चुरा लिए. डीपफेक वीडियो बनाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन किया गया और जियो पेमेंट्स बैंक में खाता खोलकर 25 हजार का लोन लिया गया.

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AI और डीपफेक के जरिए आधार फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया (Photo: Representational) AI और डीपफेक के जरिए आधार फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया (Photo: Representational)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद ,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:29 PM IST

अहमदाबाद साइबर क्राइम ने एआई और डीपफेक तकनीक के जरिए किए जा रहे एक नए तरह के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है. इस मामले में एक कारोबारी को निशाना बनाकर उसके आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया. जांच में सामने आया कि इस पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड आशिष नाम का शख्स है, जो पहले UIDAI के लिए एक प्राइवेट एजेंसी में काम करता था.

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पुलिस के मुताबिक, आशिष को आधार सिस्टम की गहरी जानकारी थी. पिछले साल वह आधार कार्ड में मोबाइल नंबर बदलकर धोखाधड़ी के मामले में ब्लैकलिस्ट भी हो चुका था. इसके बावजूद उसने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर फिर से धोखाधड़ी की साजिश रची.

आशिष ने आणंद के एक सीएचसी केंद्र के आधार ऑपरेटर से जानकारी हासिल की और एक कारोबारी के आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदलवा दिया. पुराने नंबर की जगह उसने अपने गिरोह के सदस्य का मोबाइल नंबर दर्ज करवा दिया. इसके बाद कारोबारी के आधार से जुड़े सभी ओटीपी नए नंबर पर आने लगे.

ओटीपी एक्सेस मिलते ही डिजिलॉकर से दस्तावेज चोरी

ओटीपी का एक्सेस मिलते ही फ्रॉड गैंग ने कारोबारी का डिजिलॉकर अकाउंट भी खोल लिया. DigiLocker के जरिए उन्होंने कारोबारी के सभी पर्सनल और फाइनेंशियल दस्तावेजों तक पहुंच बना ली. इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्होंने आगे की धोखाधड़ी को अंजाम दिया.

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गिरोह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कारोबारी की फोटो से एक डीपफेक वीडियो तैयार किया. यह वीडियो ऐसा बनाया गया था जिसमें आंखों की हरकत यानी ब्लिंकिंग भी दिखाई दे रही थी. इस वीडियो का उपयोग कर उन्होंने आधार के बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को भी सफलतापूर्वक पार कर लिया.

इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी के नाम पर बैंक अकाउंट खोलने की कोशिश की. उन्होंने आईडीएफसी, कोटक और जियो पेमेंट्स बैंक में अकाउंट खोलने का प्रयास किया. इनमें से जियो पेमेंट्स बैंक में एक खाता खुल गया, जिसके जरिए 25 हजार रुपये का लोन भी ले लिया गया.

पुलिस का कहना है कि यह फ्रॉड सिर्फ 25 हजार रुपये तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कारोबारी के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और निजी जानकारी भी चोरी हो गई है. यह जानकारी आगे और बड़े फ्रॉड में इस्तेमाल हो सकती थी. अहमदाबाद साइबर क्राइम ने इस मामले की जानकारी UIDAI को भी दे दी है, ताकि सिस्टम में किसी तरह की कमी को सुधारा जा सके. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है.

साइबर क्राइम ने UIDAI को दी जानकारी, जांच जारी

यह मामला दिखाता है कि एआई और डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह आम लोगों के लिए खतरा बन सकता है. साइबर क्राइम टीम ने लोगों से सतर्क रहने और अपनी डिजिटल जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की है.
 

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