सोशल मीडिया पर AI की मदद से बनाए गए फर्जी पोस्टर और तस्वीरें बनाकर उन्हें अलग-अलग हैंडल्स से शेयर करने का सिलसिला लगातार देखने को मिल रहा है. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी से जुड़ा ऐसा ही एक फर्जी पोस्टर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है. इस पोस्टर में ACP विवेक भगत को एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी करते हुए दिखाया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह पोस्टर AI की मदद से तैयार किया गया था.
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने नदीम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, नदीम खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताता है और उसने 10वीं तक पढ़ाई की है. आरोप है कि उसने दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने के मकसद से यह फर्जी पोस्टर बनाया था. पुलिस का कहना है कि पोस्टर के जरिए अशांति फैलाने की कोशिश की गई.
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24 हजार फॉलोअर्स वाला सोशल मीडिया हैंडल
पुलिस के मुताबिक, जिस सोशल मीडिया हैंडल की जांच की जा रही है, उसे नदीम ऑपरेट कर रहा था. इस पेज पर करीब 24 हजार फॉलोअर्स हैं और अब तक करीब 1200 पोस्ट किए जा चुके हैं. पुलिस के अनुसार, यह चैनल CJP प्रोटेस्ट के दौरान शुरू किया गया था.
दिल्ली पुलिस अब सिर्फ पोस्टर बनाने तक की जांच नहीं कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि नदीम के पीछे कौन लोग हैं और क्या कोई दूसरे लोग उसे हैंडल या निर्देशित कर रहे थे. पुलिस इस सोशल मीडिया गतिविधि से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है.
कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर दिखा फर्जी पोस्टर
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ACP विवेक भगत से जुड़ा यह फर्जी AI पोस्टर कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर देखा गया. पुलिस की जांच इसी बात पर भी केंद्रित है कि पोस्टर तैयार होने के बाद इसे किन-किन अकाउंट्स से शेयर किया गया और इसके पीछे कितने लोग जुड़े थे.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं. जंतर-मंतर के CJP प्रोटेस्ट के दौरान भी पुलिस पर कई आरोप लगे थे.
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प्रोटेस्ट ड्यूटी में बॉडी कैमरा का इस्तेमाल
दिल्ली पुलिस अब प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरा इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है. नई दिल्ली इलाके के DCP सचिन शर्मा समेत पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा लगाकर ड्यूटी करते नजर आए हैं. पुलिस स्टाफ को प्रदर्शनकारियों, खासकर सांसदों और महिला प्रदर्शनकारियों से सम्मान के साथ पेश आने को लेकर निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, अगर किसी तरह का विवाद या धक्का-मुक्की होती है तो बॉडी कैमरे से उसकी रिकॉर्डिंग की जा सकेगी. इससे पुलिस अपनी तरफ से भी घटना का वीडियो सबूत पेश कर सकेगी.
फिलहाल AI से बनाए गए फर्जी पोस्टर के मामले में नदीम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर किस मकसद से बनाया गया और इसके पीछे उसके अलावा और कौन लोग जुड़े हैं.
अंशुल सिंह