मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण पर दिए बयान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस मामले में अब बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी विरोध जताया है. वह धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं. उन्होंने भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है.
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी इस बयान पर नाराजगी जता चुके हैं. मथुरा और ब्रज क्षेत्र के संतों ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.
राम और कृष्ण की तुलना से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा का है. यहां 29 अक्टूबर को धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा चल रही थी. इसी दौरान उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए कुछ टिप्पणियां कीं. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री भगवान कृष्ण की मुद्रा और बांसुरी बजाने का जिक्र करते दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं. उनका पैर, कमर और गर्दन मुड़ी रहती है. इसके बाद उन्होंने भगवान राम की मुद्रा और अयोध्या की तुलना में भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं और अयोध्या भी सीधी है, जबकि कृष्ण की मुद्रा और वृंदावन का नाम टेढ़ा है. उन्होंने बांसुरी बजाने और धनुष चलाने को लेकर भी तुलना की.
अखिलेश और तेजस्वी ने जताई नाराजगी
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे ईशनिंदा बताया और कहा कि मानवीय भूलों के लिए माफ किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा के लिए नहीं. अखिलेश ने धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों पर रोक लगाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने लोगों से उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की अपील भी की.
वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस टिप्पणी को अशोभनीय, अमर्यादित और अक्षम्य बताया. उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण धार्मिक सीमाओं से परे लोगों के पूज्य हैं. ऐसे में उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा. उन्होंने उन्हें मूर्ख बताया. वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उनके बयान की आलोचना की.
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धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद मथुरा और ब्रज क्षेत्र के संतों ने भी नाराजगी जताई. संतों का कहना है कि भगवान राम और कृष्ण दोनों पूजनीय हैं. दोनों की तुलना इस तरह करना सही नहीं है. कुछ संतों ने धीरेंद्र शास्त्री को भविष्य में ऐसी टिप्पणी न करने की चेतावनी भी दी. वहीं साध्वी इंदुलेखा ने कहा कि भगवान कृष्ण उनके आराध्य हैं और इस तरह की बात स्वीकार नहीं की जा सकती.
ब्रज क्षेत्र के संतों और यादव समाज के लोगों ने भी बयान का विरोध किया. कुछ लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं के बहिष्कार की मांग उठाई. सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर नाराजगी देखने को मिली.
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी और माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया. उनका भगवान कृष्ण का अपमान करने या राम और कृष्ण में भेद पैदा करने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने अपनी टिप्पणी को विनोद और भाव में कही गई बात बताया.
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह खुद भगवान कृष्ण के भक्त हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी बात से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं. हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी इस बयान को लेकर विरोध जारी है. अब पप्पू यादव ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
अरविंद ओझा